कमाई कम, सपने बड़े? जानिए इनकम के हिसाब से सही गोल सेट करने का धांसू फॉर्मूला

Financial Planning: फाइनेंशियल गोल तय करते समय अपनी नेट सैलरी के आधार पर बजट बनाएं। इमरजेंसी फंड, इंश्योरेंस और कर्ज मुक्ति को प्राथमिकता दें। अवधि अनुसार सही फंड चुनें और सैलरी बढ़ने पर निवेश बढ़ाएं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

Financial Planning : वित्तीय लक्ष्य यानी फाइनेंशियल गोल तय करना सिर्फ इच्छाओं की सूची (विश-लिस्ट) बनाना नहीं है। असल में यह गणित पर आधारित रणनीति है, ताकि आपका खर्च आपकी कमाई से ज्यादा न बढ़े। नौकरीपेशा लोगों के लिए चुनौती केवल सही शेयर या म्यूचुअल फंड चुनना नहीं है, बल्कि महंगाई और बजट के टैक्स स्लैब को ध्यान में रखते हुए सही दिशा में बचत करना है। अगर आप केवल उम्मीदों के दम पर निवेश करेंगे, तो कुछ ही महीनों में आपकी योजना बिगड़ सकती है। इसके लिए सबसे जरूरी कदम यह है कि आप निश्चित रकम की बजाय अपनी आय के प्रतिशत के हिसाब से सोचें। यानी मुझे 1 करोड़ रुपये जमा करने हैं के बजाय यह कहें कि मैं अपनी हर महीने की सैलरी का 25% हिस्सा इन तीन कामों में लगाऊंगा।

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अपनी कमाई के हिसाब से कैसे तय करें वित्तीय लक्ष्य: इंश्योरेंस से लेकर रिटायरमेंट तक आसान गाइड (तस्वीर-istock)

लक्ष्यों को समझें: कौन सा काम कितना जरूरी?

हर लक्ष्य को एक साथ पूरा करने की कोशिश करने से बजट बिगड़ जाता है। इसलिए अपने लक्ष्यों को तीन जरूरी हिस्सों में बांटे:-

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