FII का सरकारी बैंकों पर बढ़ा भरोसा, प्राइवेट बैंकों में घटाई हिस्सेदारी; क्या बदल रहा है बैंकिंग सेक्टर का खेल?

विदेशी निवेशकों का सरकारी बैंकों पर भरोसा बढ़ रहा है। जबकि, प्राइवेट बैंकों में लगातार हिस्सदारी घटाई जा रही है। विदेशी निवेशकों के रुख में आया यह शिफ्ट बैंकिंग सेक्टर में बडे बदलाव की आहट है, या कुछ और?

विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) अब भारतीय बैंकिंग सेक्टर में अपनी रणनीति बदलते दिखाई दे रहे हैं। पिछले एक साल में उन्होंने बड़े प्राइवेट बैंकों में अपनी हिस्सेदारी घटाई है, जबकि सरकारी बैंकों (PSU Banks) में निवेश बढ़ाया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि सरकारी बैंक अब प्रदर्शन, मुनाफे और एसेट क्वालिटी के मामले में तेजी से प्राइवेट बैंकों की बराबरी कर रहे हैं।

fii psu bank and private bank

सरकारी बैंकों पर दांव लगा रहे विदेशी निवेशक

HDFC, ICICI और Kotak में FII की हिस्सेदारी घटी

इकोनॉमिक टाइम्स के विश्लेषण के मुताबिक, पिछले एक साल में कई बड़े प्राइवेट बैंकों में एफआईआई की हिस्सेदारी कम हुई है। मसलन, HDFC Bank में FII की हिस्सेदारी 6 फीसदी तक घटी है। वहीं, Kotak Mahindra Bank में FII Stake में 5.48 प्रतिशत अंक की गिरावट देखने को मिली है। इसी तरह ICICI Bank 4.21 प्रतिशत अंक की गिरावट आई है, जबकि

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