FII Trend Reversal : विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले दो सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में दमदार वापसी की है। तीन महीने के लगातार बिकवाली के ट्रेंड को पलटे हुए विदेशी निवेशकों ने खासतौर पर वित्तीय शेयरों में ₹14,634 करोड़ का निवेश किया है। यह पूरे 2026 में किसी भी 15 दिन की अवधि में इस सेक्टर में सबसे बड़ी खरीदारी रही। इसके साथ ही फरवरी के दूसरे पखवाड़े के बाद पहली बार विदेशी निवेशक इस सेक्टर में इतने बड़े पैमाने पर खरीदार बने हैं।
बाजार में नेट खरीदार बने विदेशी निवेशक
पूरे बाजार में भी बने नेट खरीदार
दिलचस्प बात यह है कि जून के पहले 15 दिनों में यही निवेशक वित्तीय शेयरों से ₹11,263 करोड़ निकाल चुके थे। यानी सिर्फ दो हफ्तों में उनका रुख पूरी तरह बदल गया। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के मुताबिक, 16 से 30 जून के बीच विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में ₹14,000 करोड़ से ज्यादा के नेट खरीदार रहे। इसके उलट, जून के पहले पखवाड़े में उन्होंने भारतीय शेयरों से ₹63,450 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की थी। इससे साफ है कि महीने के दूसरे हिस्से में विदेशी निवेशकों का भरोसा भारतीय बाजार पर फिर मजबूत हुआ।
क्यों बदला FII का रुख?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे कई वजहें रहीं। जून 2026 में FTSE इंडेक्स रीबैलेंसिंग के कारण पैसिव फंड्स के जरिये भारतीय बाजार में अच्छा निवेश आया। इसके अलावा सक्रिय विदेशी फंडों ने भी बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में खरीदारी बढ़ाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले एक साल में सबसे ज्यादा बिकवाली वित्तीय शेयरों में हुई थी। इससे कई मजबूत कंपनियों के शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर पहुंच गए, जिसका फायदा विदेशी निवेशकों ने उठाया।
पश्चिम एशिया में तनाव घटने का असर
जून के मध्य में पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेत मिलने से वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की धारणा बेहतर हुई। इसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखा। विदेशी निवेशकों ने दोबारा चुनिंदा सेक्टरों में पैसा लगाना शुरू किया, जिनमें सबसे आगे बैंकिंग और वित्तीय कंपनियां रहीं।
क्यों पसंद आ रहा Financial Sector?
भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में वित्तीय क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 40% है। यह सेक्टर बड़ा, तरल और लगातार बढ़ने की क्षमता वाला है। साथ ही कई शेयर अभी भी अपने वास्तविक मूल्य से नीचे कारोबार कर रहे हैं। उनका मानना है कि लंबी अवधि में वित्तीय सेवाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर ऐसे सेक्टर हैं, जहां विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रह सकती है।
इन सेक्टरों में भी बढ़ी खरीदारी
वित्तीय शेयरों के अलावा विदेशी निवेशकों ने कई अन्य सेक्टरों में भी निवेश बढ़ाया। इनमें निर्माण, उपभोक्ता सेवाएं, सर्विस सेक्टर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल एस्टेट और हेल्थकेयर शामिल रहे। इन सेक्टरों में ₹1,400 करोड़ से ₹3,400 करोड़ तक की शुद्ध खरीदारी दर्ज की गई।
इन सेक्टरों में जारी रही बिकवाली
हालांकि सभी सेक्टरों में खरीदारी नहीं हुई। विदेशी निवेशकों ने ऑटो और ऑटो कंपोनेंट्स, कैपिटल गुड्स, ऑयल एवं गैस, पावर तथा मेटल एवं माइनिंग सेक्टर में ₹1,300 करोड़ से ₹4,300 करोड़ तक की बिकवाली की। IT सेक्टर से भी पैसा निकला, लेकिन जून के दूसरे पखवाड़े में बिकवाली की रफ्तार पहले के मुकाबले काफी धीमी रही।
TIMES NOW Navbharat पर यह भी पढ़ें : गैराज के आइडियाज पर रईसों का पैसा! जानें कैसे Angel Investor और Venture Capital स्टार्टअप्स को बना रहे यूनिकॉर्न
