Housewife पत्नी के नाम पर करवाई है FD, क्या ब्याज पर कटेगा टैक्स? समझें TDS रिफंड का पूरा गणित

कई लोग टैक्स प्लानिंग या पारिवारिक वित्तीय प्रबंधन के तहत अपनी पत्नी के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करवा देते हैं। हालांकि बाद में जब उस FD पर मिलने वाले ब्याज पर बैंक टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) काटता है, तब यह सवाल उठता है कि आखिर उस TDS का लाभ कौन ले सकता है।

FD in Spouse's Name: सुरक्षित निवेश के लिए बहुत से लोग एफडी का विकल्प चुनते हैं। एफडी स्कीम पर बैंक की ओर से सीनियर सिटिजन को सामान्य नागरिकों से अधिक ब्याज दर मिलती है। यही वजह है कि रिटायरमेंट के बाद अपनी जमा पूंजी को लोग एफडी में निवेश करना पसंद करते हैं। हालांकि, एक लिमिट के बाद एफडी के ब्याज पर टैक्स कटता है इसलिए बहुत से लोग टैक्स से बचने के लिए अपनी हाउसवाइफ पत्नी के नाम एफडी खुलवा लेते हैं। हालांकि, सवाल अब यह कि क्या एफडी का ब्याज 1 लाख रुपये की लिमिट पार होने के बाद आयकर रिटर्न (ITR) में इसका दावा किया जा सकता है?

FD in Spouse's Name

पत्नी के नाम पर एफडी (Photo: iStock)

उदाहरण के लिए मान लेते हैं कि एक रिटायर्ड व्यक्ति अपनी रिटायरमेंट राशि का कुछ हिस्सा पत्नी के नाम बैंक FD में निवेश कर देता है। पत्नी गृहिणी हैं और उनकी कोई अन्य आय नहीं है। अब क्योंकि FD के लिए पैसा पति द्वारा दिया गया था, इसलिए आयकर कानून के क्लबिंग प्रावधान (Clubbing Provisions) के तहत उस FD से मिलने वाला ब्याज पति की आय में जोड़ा जाएगा। ब्याज राशि एक लाख रुपये से अधिक होने के कारण बैंक उस पर TDS भी काटेगा।

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