भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बुधवार को फर्जी ऐप्स को निवेशकों के लिए एक “गंभीर खतरा” बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐप लोगों को गुमराह करके उनकी मेहनत की कमाई को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने Google और Meta जैसी बड़ी टेक कंपनियों से अपील की कि वे वित्तीय नियामकों के साथ मिलकर काम करें, ताकि निवेशकों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके और धोखाधड़ी को रोका जा सके।
सेबी चेयरमैन ने फर्जी ऐप्स को लेकर जताई चिंता।
पांडेय ने यह भी कहा कि आने वाले समय में निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ने वाली है। ऐसे में जरूरी है कि बाजार में भरोसा बना रहे और सभी संबंधित पक्ष मिलकर पारदर्शिता और सुरक्षा को प्राथमिकता दें। उन्होंने यहां गूगल के सहयोग से सत्यापित ऐप लेबल पहल शुरू किये जाने के के अवसर पर कहा कि भारतीय निवेशकों की संख्या 14 करोड़ तक पहुंच गई है और कुल बाजार पूंजीकरण 423 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
फेक ऐप्स हैं गंभीर खतरा
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के प्रमुख ने कहा, ’’फर्जी ऐप अब एक गंभीर खतरा हैं और इनसे अपूर्णी वित्तीय क्षति हो सकती है।’’ उन्होंने कहा कि सेबी का दृष्टिकोण किसी भी नुकसान के होने से पहले ही उस पर रोक लगाने का रहा है। उन्होंने कहा, ’’नियामकों, मध्यस्थों और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों को मिलकर काम करना चाहिए क्योंकि निवेशकों की सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है।’’
पांडेय ने कहा कि बुधवार को शुरू की गई इस पहल से यह सुनिश्चित होगा कि गूगल के प्ले स्टोर पर मौजूद ऐप में एक सत्यापित बैज यानी विशिष्ट चिह्न हो और उपयोगकर्ता उसे देखने के बाद सुरक्षित रूप से लेनदेन कर सकें।
उन्होंने कहा कि यह पहल शेयर ब्रोकर के 600 ऐप से शुरू हो रही है। पंजीकृत निवेश सलाहकारों और ऑनलाइन बॉन्ड मंचों सहित अन्य मध्यस्थों को भी समय के साथ जोड़ा जाएगा। पांडेय ने कहा कि सत्यापित बैज की पहल एक अग्रणी प्रयास है और दुनिया के अन्य देश भी इसका अनुसरण करेंगे। इसी कार्यक्रम में सेबी के पूर्णकालिक सदस्य के सी वार्ष्णेय ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करने के तरीके खोजने होंगे कि ऐप स्टोर पर गलत ऐप बिल्कुल भी न हों।
(इनपुट-भाषा)
