ETNow.in Business Conclave & Awards 2025 में तैयार किया गया विकसित भारत के लिए रोडमैप, 82 कैटेगरी के विजेता हुए सम्मानित

ETNow.in Business Conclave & Awards 2025: टाइम्स नेटवर्क डिजिटल ने ETNOW.in बिजनेस कॉन्क्लेव एंड अवार्ड्स 2025 का आयोजन किया। जिसमें केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री और तकनीकी निवेशक राजीव चंद्रशेखर और अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनायक (रिटायर्ड) ने विकसित भारत को लेकर अपने विचार रखे। उद्योग जगत की जानी-मानी हस्तियों ने भी अपनी बात रखी। साथ ही इस कॉन्क्लेव में 82 कैटेगरी में विजेताओं को सम्मानित किया गया।

ETNow.in Business Conclave & Awards 2025: टाइम्स नेटवर्क डिजिटल ने ETNOW.in बिजनेस कॉन्क्लेव एंड अवार्ड्स 2025 का आयोजन किया, जिसमें उद्योग जगत के लीडर्स को एक साथ लाकर विकसित भारत के मार्ग को आकार देने वाले प्रमुख सेक्टर्स का पता लगाया गया। ET NOW के ‘राइज विद इंडिया’ लोकाचार के अनुरूप इस कॉन्क्लेव ने भारत के आर्थिक परिवर्तन को आगे बढ़ाने और 2030 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की अपनी महत्वाकांक्षा को गति देने के लिए एक रणनीतिक प्लेटफॉर्म के तौर पर काम किया। ETNOW.in बिजनेस कॉन्क्लेव एंड अवार्ड्स 2025 में चीफ गेस्ट के तौर पर भाषण देते हुए साइंस और टेक्नोलॉजी; पृथ्वी साइंस, PMO, PP/ DoPT, एटॉमिक एनर्जी और स्पेस राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत के स्पेस सेक्टर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक बड़ी छलांग लगाई है, जिससे प्राइवेट प्लेयर्स के लिए अवसर खुले हैं, गगनयान जैसे मिशन और सीमा सुरक्षा में अनुप्रयोग भारत की आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित करते हैं और यह साबित करते हैं कि दुनिया अब हमें अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी में अग्रणी के रूप में देखता है।

ETNow.in Business Conclave & Awards 2025

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और तकनीकी निवेशक राजीव चंद्रशेखर ने भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल टेक्नोलॉजी में अग्रणी बनाने के लिए जरूरी नीतिगत ढांचों में बदलाव के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि भारत में टैक्नोलॉजी को नियंत्रित करने वाला आईटी एक्ट 25 साल पुराना है। इसे आधुनिक और समकालीन किसी चीज से बदलने की जरूरत है। आईटी एक्ट में इंटरनेट का जिक्र तक नहीं है, एआई की तो बात ही छोड़िए। आज डिजिटल अर्थव्यवस्था को आकार देने वाली ये दो सबसे बड़ी ताकतें हैं। सरकार के भीतर इस पर बहस चल रही है और उम्मीद है कि मौजूदा प्रशासन सुरक्षा, नुकसान और गलत सूचना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित करने वाले या तो एक सर्वव्यापी कानून या कानूनों के एक सेट के साथ आगे बढ़ेगा। मुख्य सवाल यह है कि क्या एक व्यापक कानून या कई विशेष कानून अधिक प्रभावी होंगे।

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