ETF या म्यूचुअल फंड? जानें आपके फाइनेंशियल गोल के लिए कौन बेहतर

ETF स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड और ट्रेडेड होता है। इसे मार्केट के घंटों के दौरान डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट के जरिए खरीदा या बेचा जा सकता है। ETF के उलट, म्यूचुअल फंड एक्सचेंज पर खरीदे और बेचे नहीं जाते हैं। आप सीधे फंड हाउस के जरिए इन्वेस्ट करते हैं।

आज के समय में लाखों की संख्या में निवेशक म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं। SIP के जरिये निवेशक अपनी बचत का पैसा आसानी से म्यूचुअल फंड में लगा रहे हैं। आपको बता दें कि म्यूचुअल फंड इकोसिस्टम में दो मुख्य तरीके हैं: एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) और ट्रेडिशनल म्यूचुअल फंड। दोनों एक जैसे दिखते हैं क्योंकि वे पैसा जमा करते हैं और फाइनेंशियल मार्केट में इन्वेस्ट करते हैं। दोनों को सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया रेगुलेट करता है। अब सवाल उठता है कि एक आम निवेशक को ETF या ट्रेडिशनल म्यूचुअल फंड में किसका चुनाव अपने वित्तीय लक्ष्य को बेहतर तरीके से पाने के लिए करना चाहिए।

ETF Vs Mutual Fund

ETF या म्यूचुअल फंड?

एक नजर दोनों स्कीम पर

पिछले दस सालों में, ETF ने कम लागत, पैसिव इन्वेस्टिंग के बढ़ने और स्मार्टफोन की पहुंच की वजह से चुपचाप अपनी जगह बनाई है। वहीं, म्यूचुअल फंड रिटेल पोर्टफोलियो में हावी हैं, जिसका मुख्य कारण सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) कल्चर, डिस्ट्रीब्यूटर तक पहुंच और बहुत आसान होना है। SIP AUM 24% बढ़कर 16.36 खरब रुपये हो गया, जो कुल इक्विटी AUM का 28.2% है। अब सवाल उठता है कि इन दोनों में कौन बेहतर है? यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कैसे इन्वेस्ट करते हैं, आप किस चीज को महत्व देते हैं, और मार्केट में आपका व्यवहार कैसा है।

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