EPF vs VPF Investment Benefits: नौकरीपेशा लोग हर महीने अपने वेतन का एक हिस्सा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की EPF और EPS योजनाओं में जमा कराते हैं। EPF यानी कर्मचारी भविष्य निधि और EPS कर्मचारी पेंशन योजना के अलावा EPFO की तरफ से एक और योजना चलाई जाती है, जिसे VPF यानी वॉलंटियरी भविष्य निधि कहा जात है। यही, वह ट्रिक है, जिसके जरिये आप शेयर बाजार, बॉन्ड्स या किसी दूसरे एसेट क्लास के जोखिमों से दूर रहते हुए अपने रिटायरमेंट के लिए अच्छा खासा फंड बना सकते हैं।
पीएफ में अतिरिक्त योगदान बना सकता है बड़ा रिटायरमेंट फंड
EPF में क्या होता है शामिल?
आपका PF अकाउंट असल में दो हिस्सों में काम कर सकता है। EPF में अनिवार्य (Standard) कॉन्ट्रीब्यूशन होता है। इसमें आपकी बेसिक सैलरी का 12% हिस्सा हर महीने कटकर इसमें जाता है, और इतना ही हिस्सा आपकी कंपनी भी मिलाती है। इसके अलावा एक हिस्सा EPS का होता है। असल में, कंपनी जो 12% अपनी तरफ से मिलाती है, वह पूरा का पूरा पैसा आपके PF अकाउंट में नहीं जाता। उसके दो हिस्से हो जाते हैं। एक हिस्सा EPF में जाता है और दूसरा हिस्सा EPS में जाता है।
कंपनी के 12% कॉन्ट्रीब्यूशन का गणित : कंपनी की तरफ से जो PF कंट्रीब्यूशन होता है, उसमें से करीब 60 फीसदी हिस्सा PF में जाता है, जबकि 40 फीसदी EPS में जाता है। हालांकि, EPS की अधिकतम लिमिट ₹1,250 प्रति महीना तय है। यानी अगर आपके PF की कुल रकम 10000 है, तो इसमें से आपके हिस्से के 5000 रुपये सीधे EPF में जमा होंगे, वहीं कंपनी की तरफ से जमा होने वाले 5000 रुपये में से 3,750 रुपये EPF में जाएंगे, जबकि 1250 रुपये EPS में जमा होंगे।
इस ट्रिक से डबल हो सकता है फंड?
VPF (Voluntary Provident Fund) ही वह ट्रिक है, जो आपके फंड को तेजी से बढ़ाती है। असल में आप अपनी मर्जी से 12% की अनिवार्य सीमा को बढ़ाकर अपनी बेसिक सैलरी का 100% तक पीएफ में कॉन्ट्रीब्यूट कर सकते हैं। मसलन, आपकी कुल सैलरी अगर 30 हजार रुपये है, जिसमें आपकी बेसिक सैलरी 15000 रुपये है, तो आप अधिकतम 15 हजार रुपये EPF में जमा करा सकते हैं। यहां, ध्यान देने वाली बात यह है कि EPFO की तरफ से अधिकतम बेसिक सैलरी की सीमा 15 हजार रुपये ही रखी गई है। यानी असल में आपकी बेसिक 50 हजार भी है, तब भी आप VPF के तहत 15 हजार रुपये तक ही कटौती करा सकते हैं।
VPF का फायदा क्या है?
इस अतिरिक्त निवेश पर आपको सरकार की तरफ से PF पर मिलने वाला सुरक्षित चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है।अगर आप अपनी बचत का थोड़ा सा हिस्सा भी, हर महीने VPF में डालना शुरू कर दें, तो कंपाउंडिंग (ब्याज पर ब्याज) की ताकत से आपका रिटायरमेंट फंड उम्मीद से दोगुना बड़ा हो सकता है। यह उन लोगों के लिए बेस्ट है जो म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार का रिस्क नहीं लेना चाहते।
कौनसी गलतियां नहीं करें?
VPF की ट्रिक के साथ ही आपको थोड़ा अनुशासन भी रखना होगा। क्योंकि, आमतौर पर बहुत सारे लोग छोटी-छोटी जरूरतों के लिए PF खाते से रकम निकाल लेते हैं। बार-बार PF की रकम निकलती है, तो वहां कंपाउंडिंग का असली जादू देखने को नहीं मिलता है। ऐसे में अगर आप वाकई रिटायरमेंट के लिए बिना किसी जोखिम के बड़ा रिटायरमेंट फंंड बनाना चाहते हैं, तो बार-बार PF निकासी की गलती नहीं करें। अक्सर जब लोग जॉब चेंज करते हैं, तो पुरानी कंपनी का पीएफ बैलेंस ट्रांसफर करने के बजाय उसे विड्रॉ कर लेते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसा करना आपके वित्तीय भविष्य के लिए सबसे बड़ा नुकसान है। क्योंकि, पीएफ का असली फायदा लंबे समय तक पैसा छोड़ने पर मिलने वाले कंपाउंडिंग ब्याज से होता है। पैसा निकालने से यह चक्र टूट जाता है।
