EPF Interest Rules: नौकरी छोड़ने के बाद ब्याज का गणित; जानें कब तक सुरक्षित है आपका फंड और कब होगा Inoperative

EPF Interest Rules: EPF अकाउंट रिटायरमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण बचत साधन है। इसलिए हर नौकरीपेशा व्यक्ति को इसके नियमों को समझना जरूरी है। Employees Provident Fund Organisation (EPFO) के अनुसार, रिटायरमेंट के बाद निर्धारित समय तक ही ब्याज मिलता है। इसलिए अगर आप नौकरी छोड़ चुके हैं या रिटायर होने जा रहे हैं तो ईपीएफ से जुड़ी यह जानकारी आपके लिए और भी जरूरी हो जाती है।

EPF Interest Rules: कर्मचारियों की बचत और रिटायरमेंट सुरक्षा के लिए Employee Provident Fund (EPF) एक महत्वपूर्ण योजना है। यह योजना Employees Provident Fund Organisation (EPFO) द्वारा संचालित की जाती है। EPF अकाउंट में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान जमा होता है और इस राशि पर हर साल ब्याज भी मिलता है। हालांकि, बहुत से लोगों के मन में एक सवाल होता है कि नौकरी छोड़ने के बाद अकाउंट में कितने समय तक ब्याज मिलता है। अगर आपके मन में यह सवाल है तो इस आर्टिकल में आपको इसी सवाल का जवाब देने जा रहे हैं-

EPF Interest Rules

inoperative EPF account क्या होता है (Photo: iStock)

अकाउंट इन-ऑपरेटिव कब होता है

सबसे पहले तो यही समझें कि किसी कर्मचारी का अकाउंट इन-ऑपरेटिव कब होता है। EPFO के नियमों के अनुसार, 55 वर्ष की आयु के व्यक्ति का ईपीएफ अकाउंट तीन साल यानी 36 महीने में इनऑपरेटिव हो जाता है। वहीं, कोई व्यक्ति रिटायर हो रहा है तो उसकी रिटायरमेंट डेट से 3 साल के बाद अकाउंट इन-ऑपरेटिव हो जाता है। अकाउंट इन-ऑपरेटिव होने का मतलब है कि इस तरह के अकाउंट में ब्याज मिलना बंद हो जाता है।

End of Feed