बजट सत्र में पेश हो सकता है विद्युत संशोधन विधेयक, क्या उपभोक्ताओं के लिए महंगी होगी बिजली?

Electricity Amendment Bill: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के घाटे को कम करने के लिए लागत-अनुरूप शुल्क को विद्युत संशोधन विधेयक में शामिल किया गया है। यह विधेयक आगामी बजट सत्र में पेश किया जा सकता है। लंबे समय से घाटे और कर्ज में चल रही डिस्कॉम के लिए यह कदम बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Electricity Amendment Bill : केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के घाटे को कम करने के लिए लागत-अनुरूप शुल्क की अवधारणा को विद्युत संशोधन विधेयक में शामिल करने की योजना बना रही है। यह बिल आगामी बजट सत्र में संसद में पेश किया जा सकता है। देश में लंबे समय से कर्ज में डूबी और घाटे में चल रही बिजली वितरण कंपनियों के लिए यह कदम बहुत महत्वपूर्ण है। मंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति की पूरी सीरीज जिसमें उत्पादन, पारेषण और वितरण शामिल हैं, उसमें बिजली वितरण कंपनियां एक अहम कड़ी हैं। ये कंपनियां सीधे उपभोक्ताओं को बिजली पहुंचाती हैं और सेवा गुणवत्ता या अन्य समस्याओं की शिकायतें सबसे पहले इन्हीं के पास आती हैं।

Electricity Amendment Bill

बिजली वितरण कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए नया प्रस्ताव (तस्वीर-istock)

लागत-अनुरूप शुल्क क्या है?

लागत-अनुरूप शुल्क का मतलब है कि बिजली वितरण कंपनियों के द्वारा लगाई गई दरें उनके बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण की वास्तविक लागत के अनुसार तय की जाएंगी। मौजूदा समय में कई उपभोक्ता वर्गों से वसूली गई दरें उनकी लागत से कम होती हैं, जिसे “लागत-अनुरूप न होने वाली दर” कहा जाता है। इस वजह से कंपनियों को घाटा उठाना पड़ता है। क्या आम लोगों की बिजली बिल बढ़ेगा?

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