Edible Oil Prices In India: बढ़ती प्याज की कीमतों के बीच राहत की खबर है। देश में खाद्य तेल की कीमतें त्योहारों के दौरान कम हो सकती है। असल में आयात की कम संभावना को देखते हुए कारोबारियों ने खाद्य तेलों की कीमतें घटा दी है। ऐसे में त्योहारों से पहले कीमतों में स्थिरता आ गई है। और ऐसी संभावना है कि आने वाले दिनों में कीमतें कम हो सकती हैं। कीमतों में गिरावट के रुख की वजह विदेशों से खाद्य तेलों का भारी मात्रा में आयात होना है। इसकी वजह से स्टॉक बढ़ गया है। जिसे निकालने के लिए कारोबारियों ने कीमतें कम कर दी हैं।
बाजार में कैसे हैं दाम
रिपोर्ट के अनुसार आयातित तेलों की बहुतायत के बीच ऊंचे भाव के साथ साथ मूंगफली की नयी फसल आने से मूंगफली तेल-तिलहन के साथ-साथ सरसों तेल के भाव गिरावट के साथ बंद हुए। न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार कारोबारियों ने बताया कि सोयाबीन डीगम में फिर से गिरावट चालू हो गई है। जिन आयातकों को बैंकों के कर्ज का भुगतान करना है, वे आयातित सोयाबीन डीगम तेल, लागत से दो रुपये लीटर कम भाव पर कांडला बंदरगाह पर बेच रहे हैं। देश में नवंबर में खाद्य तेलों (विशेषकर सॉफ्ट आयल- सूरजमुखी और सोयाबीन तेल) का आयात घटने की संभावनाओं को देखते हुए इन आयातकों द्वारा लागत से दो रुपये किलो कम दाम पर बिकवाली करने से साफ है कि कारोबारी स्टॉक क्लीयरेंस कर रहे हैं। इसकी वजह से सोयाबीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।
बुधवार को तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे..
सरसों तिलहन - 5,745-5,795 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल
मूंगफली - 6,800-6,875 रुपये प्रति क्विंटल
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,300 रुपये प्रति क्विंटल
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,275-2,560 रुपये प्रति टिन
सरसों तेल दादरी- 10,650 रुपये प्रति क्विंटल
सरसों पक्की घानी- 1,805 -1,900 रुपये प्रति टिन
सरसों कच्ची घानी- 1,805 -1,915 रुपये प्रति टिन
