Core Sector Growth June 2026: भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है। देश की आर्थिक रफ्तार के इंजन 9 Core Sector Industries की ग्रोथ जून 2026 में पांच महीने के शीर्ष पर पहुंच गई है। Core Sector Growth जून में 5% रही, जो मई के 3.2% के मुकाबले काफी बेहतर है। इस बार Iron Ore और Electricity ने विकास की रफ्तार को सबसे ज्यादा गति दी।
कोर सेक्टर में आयरन ओर भी शामिल
जून 2026 में सबसे शानदार प्रदर्शन Iron Ore का रहा। इसका उत्पादन एक साल पहले के मुकाबले 43.9% बढ़ा। इसके अलावा बिजली उत्पादन 9.8% बढ़ा, सीमेंट उत्पादन 9.8% बढ़ा, स्टील उत्पादन में 4.6% की बढ़ोतरी हुई और कोयला उत्पादन 1.4% बढ़ा है। सरकार के मुताबिक पिछले कुछ महीनों से Iron Ore और Electricity ही Core Sector की ग्रोथ के सबसे बड़े इंजन बने हुए हैं।
इन सेक्टरों में रही कमजोरी
जहां कुछ सेक्टरों ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं कई अहम सेक्टर अभी भी दबाव में हैं। जून 2026 के आंकड़ों के मुताबिक प्राकृतिक गैस का उत्पादन 7.4% घटा है। इसके अलावा कच्चे तेल का उत्पादन 4.2% घट गया है। वहीं, रिफाइनरी उत्पादों में 4.7% की गिरावट देखने को मिली है। इसी तरह उर्वरक उत्पादन 3.3% कम हुआ है। यानी ऊर्जा क्षेत्र के कुछ हिस्सों में कमजोरी अभी भी बनी हुई है।
| सेक्टर | सालाना वृद्धि |
|---|---|
| लौह अयस्क | 43.9% |
| बिजली | 9.8% |
| सीमेंट | 9.8% |
| स्टील | 4.6% |
| कोयला | 1.4% |
| प्राकृतिक गैस | -7.4% |
| कच्चा तेल | -4.2% |
| रिफाइनरी उत्पाद | -4.7% |
| उर्वरक | -3.3% |
पहली बार नई सीरीज का डाटा जारी
सरकार ने Index of Core Industries (ICI) की नई सीरीज भी जारी कर दी है। अब इंडेक्स का Base Year 2011-12 की जगह 2022-23 होगा। नई सीरीज में पहली बार Iron Ore को भी Core Industry में शामिल किया गया है। इससे Core Industries की संख्या 8 से बढ़कर 9 हो गई है। इसके अलावा एक बड़ा बदलाव यह हुआ है कि Steel Index अब Net Production की जगह Gross Production के आधार पर तैयार होगा, ताकि Industrial Production Index (IIP) के साथ तालमेल रहे। Coal में अब केवल Raw Coal को शामिल किया जाएगा। Washed Coal और Coal Middling को हटाया गया है ताकि दोहरी गिनती न हो।
आखिर क्यों अहम है Core Sector?
Core Industries देश के औद्योगिक उत्पादन की रीढ़ मानी जाती हैं। इनमें होने वाला बदलाव Manufacturing, Infrastructure, Construction और बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों की स्थिति का शुरुआती संकेत देता है। यही वजह है कि Core Sector के आंकड़ों पर निवेशकों, उद्योग जगत और Reserve Bank की भी खास नजर रहती है।
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