आर्थिक सर्वे 2025–26 के मुताबिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत भारत की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक स्तर पर संरचनात्मक सुधार किए गए हैं। स्कूल शिक्षा में 2030 तक 100% Gross Enrolment Ratio (GER) हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल देश में 14.7 लाख स्कूलों में करीब 25 करोड़ छात्र नामांकित हैं, जिन्हें 7 करोड़ से ज्यादा शिक्षक पढ़ा रहे हैं। कक्षा I से V तक GER 90.9%, कक्षा VI से VIII में 90.3%, जबकि कक्षा IX–X में 78.7% और XI–XII में 58.4% तक पहुंच चुका है।
आर्थिक सर्वेक्षण में शिक्षा पर क्या है
हायर एजुकेशन में तेज विस्तार
उच्च शिक्षा के स्तर पर भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। देश में अब 700 से ज्यादा संस्थानों में 4.46 करोड़ छात्र नामांकित हैं। हायर एजुकेशन का GER 2019–20 के 27.1% से बढ़कर 2022–23 में 29.5% हो गया है। सरकार का लक्ष्य 2035 तक 50% GER हासिल करने का है, जिससे भारत की युवा आबादी को स्किल और नॉलेज बेस्ड इकोनॉमी से जोड़ा जा सके।
समावेशन और इक्विटी पर जोर
सर्वे के मुताबिक शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आदिवासी और वंचित वर्गों पर खास ध्यान दिया गया है। PM-जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान के तहत 500 हॉस्टल स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा 268 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को अपग्रेड किया गया है और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 692 हॉस्टल को मंजूरी दी गई है।
NIPUN से फाउंडेशनल लर्निंग में सुधार
फाउंडेशनल लिटरेसी और न्यूमेरसी (FLN) को मजबूत करने के लिए NIPUN भारत मिशन के तहत ठोस नतीजे दिखने लगे हैं। कक्षा III के छात्रों में भाषा दक्षता 2021 के 39% से बढ़कर 2024 में 57% हो गई है, जबकि गणित में दक्षता 42% से बढ़कर 65% तक पहुंची है। यह संकेत देता है कि प्रारंभिक शिक्षा में सुधार का असर ग्राउंड लेवल पर दिख रहा है।
मल्टीलिंगुअल और टेक-ड्रिवन एजुकेशन
NEP के तहत बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है। सर्वे के मुताबिक 3000 से ज्यादा AI-ड्रिवन इंटरएक्टिव कंटेंट को कई भाषाओं में तैयार किया गया है। साथ ही भारतीय भाषा पुस्तक योजना के तहत 22 भारतीय भाषाओं में डिजिटल स्टडी मटीरियल उपलब्ध कराया गया है, जिससे क्षेत्रीय भाषाओं में सीखने की पहुंच बढ़ी है।
5+3+3+4 स्ट्रक्चर और नया करिकुलम
अकादमिक स्ट्रक्चर में NEP के अनुरूप 5+3+3+4 मॉडल लागू किया गया है। करिकुलम सुधार के साथ PARAKH के तहत क्षमता-आधारित मूल्यांकन शुरू किया गया है। शिक्षक प्रशिक्षण को मजबूत करने के लिए DIETs और SCERTs की भूमिका को भी विस्तार दिया गया है।
लर्नर-सेंट्रिक और ग्लोबल अप्रोच
सर्वे में कहा गया है कि शिक्षा प्रणाली को ज्यादा लर्नर-सेंट्रिक बनाया गया है। APAAR IDs के जरिए छात्रों की प्रगति को स्कूल से स्किल एजुकेशन तक ट्रैक किया जा रहा है। वहीं विद्या समीक्षा केंद्र रियल-टाइम डेटा के जरिए समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित कर रहे हैं। हायर एजुकेशन में 100% FDI की अनुमति और 15 विदेशी विश्वविद्यालयों के भारत में कैंपस खोलने की संभावना से शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण भी तेज हुआ है।
