Economic Survey 2026 का बड़ा अलर्ट, दुनिया पर मंडरा रहा है 2008 से बड़ा आर्थिक संकट, जानें क्यों?

Economic Survey 2026: आज पेश हुए इकोनॉमिक सर्वे में दुनियाभर में AI की अंधी रेस को बड़ा खतरा बताया गया है। इस सर्वे रिपोर्ट में कहा गया कि दुनियाभर में AI पर भारी निवेश हो रहा है। ये सार पैसा कर्ज लेकर किया जा रहा है जो गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। अगर AI इंफ्रास्ट्रक्चर सफल नहीं हुआ तो दुनिया में 2008 जैसी बड़ी मंदी आ सकती है।

Economic Survey 2026: भारत के 2025-26 के इकोनॉमिक सर्वे ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की है। इस सर्वे में कहा गया है कि बहुत ज्यादा कर्ज लेकर चल रही AI इंफ्रास्ट्रक्चर में नाकामी से 2008 के आर्थिक संकट जितनी गंभीर, या उससे भी बदतर, ग्लोबल फाइनेंशियल शॉक आ सकता है। हालांकि इसकी संभावना सिर्फ 10-20 प्रतिशत बताई गई है, लेकिन सर्वे का कहना है कि इसका असर 'काफ़ी व्यापक' होगा, जिसका असर बाजारों, कैपिटल फ्लो और रियल इकोनॉमी पर पड़ेगा। यह चेतावनी केंद्रीय बजट से कुछ दिन पहले आई है, जिसमें पॉलिसी बनाने वालों ने इस बात पर चिंता जताई है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को दुनिया भर में कैसे फाइनेंस किया जा रहा है, और आखिर में इसका जोखिम कौन उठाएगा।

2008 Global Economic Crisis

वैश्विक आर्थिक मंदी

'AI डेट बम': बड़ा खतरा

इस चिंता की जड़ में वह है जिसे सर्वे 'AI डेट बम' कह रहा है। फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए, इसमें बताया गया है कि ग्लोबल टेक कंपनियों ने वॉल स्ट्रीट इन्वेस्टर्स द्वारा फंडेड स्पेशल पर्पस व्हीकल्स (SPVs) का इस्तेमाल करके अपने बैलेंस शीट से $120 बिलियन से ज्यादा डेटा सेंटर खर्च को हटा दिया है। सर्वे का तर्क है कि ये स्ट्रक्चर उसी तरह की अस्पष्टता और लीवरेज को दिखाते हैं जिसने 2008 के ग्लोबल फाइनेंशियल संकट के दौरान नुकसान को बढ़ाया था।

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