शेयर या प्रॉपर्टी से हुई है कमाई, ITR के इस कॉलम में छुपाई जानकारी तो आएगा इनकम टैक्स का नोटिस

अगर आपने भी हाल फ़िलहाल में शेयर या प्रॉपर्टी बेचकर कमाई की है तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। इसकी जानकारी आपको ITR में देनी होती है, आइए बताते हैं आप कैसे ये काम कर सकते हैं?

आयकर रिटर्न (Income Tax Return) दाखिल करने का सीजन शुरू होते ही टैक्सपेयर्स अपनी कमाई का हिसाब-किताब लगाने में जुट जाते हैं। अगर आपने वित्त वर्ष के दौरान सिर्फ सैलरी (वेतन) से कमाई की है, तो आपके लिए आईटीआर फाइल करना काफी सरल होता है। लेकिन, यदि आपने पिछले साल शेयर बाजार (Stock Market), म्यूचुअल फंड (Mutual Funds), या फिर किसी जमीन, मकान या फ्लैट जैसी प्रॉपर्टी को बेचकर मुनाफा कमाया (capital gains tax) है, तो आपको बहुत ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। टैक्स एक्सपर्ट्स और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर आप आईटीआर भरते समय इस तरह के मुनाफे की जानकारी छुपाते हैं या इससे जुड़े खास कॉलम को खाली छोड़ देते हैं, तो आपको सीधे इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) का स्क्रूटनी नोटिस मिल सकता है।

Shares And Property ITR

कैसे लगता है टैक्स?

शेयर बाजार या किसी संपत्ति को बेचने से होने वाले मुनाफे को 'कैपिटल गेन्स' (Capital Gains) कहा जाता है। इसे दो श्रेणियों में बांटा जाता है: शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG)। आप किसी संपत्ति या शेयर को कितने समय तक अपने पास रखने के बाद बेच रहे हैं, इसी से यह तय होता है कि उस पर कितना और किस दर से टैक्स लगेगा। अक्सर देखा जाता है कि बहुत से लोग शेयर बाजार में किए गए छोटे-मोटे मुनाफे या किसी पुरानी जमीन को बेचने से मिली रकम को अपनी मुख्य आय में नहीं जोड़ते। उन्हें लगता है कि इस छोटी रकम पर टैक्स विभाग की नजर नहीं पड़ेगी, जो कि एक बहुत बड़ी गलतफहमी है।

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