Diwali Gifts Tax : दीपावली सिर्फ रोशनी का त्योहार नहीं है, बल्कि खर्चों का भी सीजन है। रिश्तेदारों और कर्मचारियों को गिफ्ट देने से लेकर घर को नए गैजेट्स से सजाने तक, यह त्योहार आपके बजट पर भारी पड़ सकता है। लेकिन जब बात टैक्स लाभ की आती है तो हर खर्च पर छूट नहीं मिलती। यह समझना जरूरी है कि कौन से खर्च टैक्स में कटौती के लिए मान्य हैं, ताकि आप अपने त्योहार के खर्चों को सही तरीके से प्लान कर सकें और आयकर विभाग के नियमों का उल्लंघन न करें।
क्या दिवाली गिफ्ट टैक्स फ्री है (तस्वीर-istock)
व्यक्तिगत खरीदारी पर टैक्स लाभ नहीं
कई लोग सोचते हैं कि दीपावली पर सोना, इलेक्ट्रॉनिक्स या घरेलू उपकरण खरीदने से उनका टैक्स कम हो जाएगा। लेकिन यह गलतफहमी है। व्यक्तिगत दीपावली खर्च, चाहे वह सोना हो, गैजेट्स या होम डेकोर, टैक्स कटौती के लिए मान्य नहीं हैं। केवल वही खर्च जिनका संबंध व्यवसाय या पेशे से हो इनकम टैक्स एक्ट के तहत दावा किया जा सकता है। परिवार या दोस्तों को दिए गए उपहार टैक्स में कटौती के लिए नहीं होते। केवल बिजनेस से जुड़े गिफ्ट, कर्मचारियों या ग्राहकों को दिए गए बोनस या गिफ्ट हैंपर को सेक्शन 37(1) के तहत माना जाता है।
कौन क्या क्लेम कर सकता है?
टैक्स नियम इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप नौकरीपेशा हैं, स्वरोजगार हैं या कोई व्यवसाय चला रहे हैं।
- नौकरीपेशा व्यक्ति: सीमित अवसर। नियोक्ता द्वारा कर्मचारी को सालाना 5,000 रुपये तक का गिफ्ट टैक्स मुक्त होता है (सेक्शन 17(2) और नियम 3 के तहत)। व्यक्तिगत खर्चों पर कोई टैक्स लाभ नहीं।
- स्वरोजगार पेशेवर: ग्राहक उपहार, गिफ्ट हैम्पर्स या व्यवसाय से जुड़े त्योहार खर्चों पर सेक्शन 37(1) के तहत कटौती का दावा कर सकते हैं, बशर्ते उचित चालान और दस्तावेज हों।
- बिजनेस: कर्मचारी बोनस, कॉर्पोरेट दीपावली कार्यक्रम या क्लाइंट उपहार पर खर्च उचित और दस्तावेजीकृत होने पर टैक्स में कटौती मिलती है। क्लाइंट गिफ्ट पर 20,000 रुपये से अधिक की राशि पर TDS काटना जरूरी होता है, नहीं तो जुर्माना और कटौती हो सकती है।
टैक्स में चूक से बचें
- सभी दीपावली खर्चों को कटौती योग्य मान लेना।
- व्यक्तिगत गिफ्ट को व्यवसाय खर्च दिखाना।
- चालान, प्राप्तकर्ता सूची या भुगतान प्रमाण न रखना।
- व्यवसाय खर्चों के लिए नकद भुगतान की सीमा (10,000 रुपये से अधिक) का उल्लंघन करना।
छोटे व्यवसायी जो ग्राहकों और कर्मचारियों को उपहार देते हैं और उचित दस्तावेज रखते हैं, वे सेक्शन 37(1) के तहत पूरी कटौती का दावा कर सकते हैं। वहीं नौकरीपेशा व्यक्ति जो व्यक्तिगत खर्चों को कटौती योग्य समझता है, उसे नोटिस मिल सकती है।
सही योजना बनाएं, केवल उन्हीं खर्चों पर टैक्स लाभ लें जो व्यवसाय या पेशे से जुड़े हों, उचित मूल्य के हों और पूरी तरह दस्तावेजीकृत हों। इस तरह आपका दीपावली खर्च खुशी के साथ-साथ टैक्स समस्याओं से भी बचाएगा।
