लोन सेटेलमेंट और क्लोजर में क्या है अंतर? लोन सेटलमेंट के बाद क्या बिगड़ता है क्रेडिट स्कोर?

ज़्यादातर लोग सोचते हैं कि दोनों का मतलब एक जैसा है, यानी लोन खत्म। लेकिन असल में दोनों प्रक्रियाओं में ज़मीन-आसमान का फर्क होता है। एक विकल्प आपके क्रेडिट स्कोर को मजबूत बनाता है, जबकि दूसरा भविष्य में लोन लेने का रास्ता मुश्किल कर सकता है। आइए आपको बताते हैं दोनों में क्या फर्क है?

लोन लेना आज के समय में काफी आम बात है चाहे घर खरीदना हो, गाड़ी लेना हो या किसी जरूरी खर्च को पूरा करना हो। लेकिन लोन लेने जितना आसान होता है, उसे समय पर चुकाना उतना ही ज़रूरी और जिम्मेदारी भरा काम होता है। कई बार लोग अपनी EMI समय पर भरते रहते हैं और आराम से पूरा लोन चुका देते हैं। वहीं कुछ लोग नौकरी जाने, बिज़नेस में नुकसान या किसी और आर्थिक परेशानी की वजह से लोन नहीं चुका पाते। ऐसे में दो रास्ते सामने आते हैं लोन क्लोजर और लोन सेटलमेंट।

Loan Closure and Settlement

ज़्यादातर लोग सोचते हैं कि दोनों का मतलब एक जैसा है, यानी लोन खत्म। लेकिन असल में दोनों प्रक्रियाओं में ज़मीन-आसमान का फर्क होता है। एक विकल्प आपके क्रेडिट स्कोर को मजबूत बनाता है, जबकि दूसरा भविष्य में लोन लेने का रास्ता मुश्किल कर सकता है। इसलिए इन दोनों के बीच का फर्क समझना बहुत ज़रूरी है, ताकि आप अपनी वित्तीय स्थिति के हिसाब से सही फैसला ले सकें और आगे परेशानी से बचें।

End of Feed