Deloitte Under Investigation: ऑडिटिंग फर्म डेलॉय पर एक बार फिर उठे सवाल, नाइजीरियाई कंपनी टिंगो के 47 करोड़ डॉलर फ्रॉड का मामला

Deloitte Under Investigation: ऑडिटिंग फर्म डेलॉय पर एक बार फिर रेगुलेटर्स की नजर में है। इस बार मामला नाइजीरियाई फर्म टिंगो को लेकर है, जिस पर शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग ने फ्रॉड का आरोप लगाया है।

KEY HIGHLIGHTS
  • डेलॉय पर एक बार फिर रेगुलेटर्स की नजर में
  • नाइजीरियाई फर्म टिंगो से जुड़ा है मामला
  • पहले भी कई बार रही विवादों में

Deloitte Under Investigation: ऑडिटिंग फर्म डेलॉय पर एक बार फिर रेगुलेटर्स की नजर में है। इस बार मामला नाइजीरियाई फर्म टिंगो को लेकर है, जिस पर शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग ने फ्रॉड का आरोप लगाया है। डेलॉय को लेकर इसलिए आरोप लग रहे हैं क्योंकि उसने टिंगों के बैंक खातों में करीब 47 करोड़ डॉलर (करीब 3900 करोड़ रु) से अधिक राशि का सर्टिफिकेशन दिया था। जबकि सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने अपनी जांच में टिंगो के खातों में केवल 50 डॉलर (करीब 4150 रु) होने की बात कही है। अमेरिकी रेगुलेटर ने कहा कि अरबों डॉलर के लेन-देन संदेह के घेरे में हैं। यह लेन-देन जिन कंपनियों के बीच हुआ है, उनका कंट्रोल टिंगो के फाउंडर और पूर्व सीईओ डोजी ममोबुओसी के पास है। डेलॉय ने फिनटेक कंपनी टिंगो पर 2022 की गई ऑडिट के दौरान उस पर कोई सवाल नहीं उठाया था और उसे क्लीन कहा था । यह गड़बड़ तब सामने आई जब शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग ने टिंगो के अकाउंट्स पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या कंपनी प्रॉसेस पूरा करने में चूक गई या इससे ये गड़बड़ियां जल्दबाजी में हुई है?

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डेलॉय फिर विवादो में

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