Delhi-NCR का प्रॉपर्टी बाजार रियल एस्टेट निवेशकों के लिए मक्का बन गया है। बता दें कि इस साल दिल्ली NCR भारत के रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट मार्केट में सबसे बड़ा विजेता बनकर उभरा है, क्योंकि 2026 के शुरुआती नौ महीनों में इस इलाके में इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टमेंट में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। Colliers India के अनुसार, जनवरी और सितंबर 2026 के बीच दिल्ली NCR में इन्वेस्टमेंट सालाना आधार पर 178% बढ़कर लगभग 581.7 मिलियन डॉलर हो गया।
प्रॉपर्टी बाजार
जानकारों का कहना है कि दिलली-एनसीआर में निवेश बढ़ने की सबसे बड़ी वजह इसका वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर है। तेजी से विस्तार होते इंफ्रास्ट्रक्चर ने प्रॉपर्टी निवेश के नए पॉकेट बनाए हैं। निवेशकों को उनके निवेश पर बेहतर रिटर्न भी मिल रहा है। इसलिए निवेशक जमकर निवेश कर रहे हैं।
ऑफिस स्पेस बना निवेशकों की पहली पसंद
रियल एस्टेट के अलग-अलग सेगमेंट में ऑफिस प्रॉपर्टी निवेशकों की सबसे पसंदीदा रही। जनवरी-सितंबर 2026 के दौरान ऑफिस एसेट्स में करीब 2.2 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो सालाना आधार पर 46% अधिक है। कुल संस्थागत निवेश में ऑफिस सेगमेंट की हिस्सेदारी करीब 37% रही। हॉस्पिटैलिटी और अल्टरनेटिव एसेट्स में भी निवेश तेजी से बढ़ा। इन दोनों सेगमेंट में जनवरी-सितंबर के दौरान क्रमशः करीब 0.6 अरब डॉलर और 0.9 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कई गुना अधिक है।
तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद बनी हुई है मजबूती
भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से सितंबर 2026 के बीच भारतीय रियल एस्टेट में संस्थागत निवेश 5.9 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 39% ज्यादा है। यह हाल के वर्षों में किसी भी नौ महीने की अवधि में सबसे अधिक निवेश है। इस निवेश में घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही। जनवरी-सितंबर के दौरान घरेलू निवेशकों ने करीब 3.5 अरब डॉलर का निवेश किया, जो कुल निवेश का लगभग 60% है। घरेलू पूंजी में सालाना आधार पर 59% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, विदेशी निवेश भी 17% बढ़कर करीब 2.4 अरब डॉलर रहा।
