Relief For Pawan Munjal: दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में हीरो मोटोकॉर्प (Hero Motocorp) के चेयरमैन पवन कांत मुंजाल (Pawan Munjal) के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगा दी है। इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की जा रही है। न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी ने इस मामले में मुंजाल की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया और उसे अपना जवाब दाखिल करने का समय दिया।
पवन मुंजाल को कोर्ट से मिली राहत
मुंजाल को अंतरिम राहत देते हुए न्यायाधीश ने कहा कि हाल ही में सीमा शुल्क अधिनियम के तहत विधेय अपराध पर एक समान स्थगन आदेश पारित किया गया था और याचिकाकर्ता को उस मामले में सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण ( CESTAT) द्वारा बरी कर दिया गया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा इसी आधार पर ईसीआईआर के तहत कार्यवाही पर रोक रहेगी।
क्या दिया ईडी को निर्देश
अदालत ने स्पष्ट किया कि रोक केवल याचिकाकर्ता के संबंध में है और ईडी कानून के अनुसार आगे बढ़ने के लिए स्वतंत्र है। राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने मुंजाल, एसईएमपीएल नामक थर्ड पार्टी सर्विस प्रोवाइडर कंपनी, अमित बाली, हेमंत दहिया, के. आर. रमन और कुछ अन्य के खिलाफ कथित तौर पर प्रतिबंधित वस्तुओं यानी विदेशी मुद्रा को ले जाने, निर्यात करने का प्रयास करने और अवैध निर्यात के आरोप में पिछले साल मामला दर्ज किया था।
चार्जशीट की गई दाखिल
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) की जांच इकाई डीआरआई ने मामले में सीमा शुल्क अधिनियम की धारा 135 (Tax Evasion) के तहत दिल्ली की एक अदालत के समक्ष आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद, ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत वर्तमान मामला दर्ज किया। तीन नवंबर को उच्च न्यायालय ने डीआरआई मामले की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
