IEC 2023: टाइम्स नेटवर्क द्वारा आयोजित दो दिवसीय इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव आईईसी 2023 के 9वें संस्करण का आज पहला दिन है। इसमें AI क्या है और इसका हम लोगों पर क्या असर पड़ता है? इस सवाल के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर दो एक्सपोर्ट्स ने अपनी राय दी। नैसकॉम की प्रेसिडेंट देबजानी घोष और टेक महिंद्रा के सीईओ सीपी गुरनानी ने एआई पर अपने विचार रखे। इस पैनल का टॉपिक एआई और वेब 3.0 में भारत का भविष्य था। देबजानी घोष ने कहा कि एआई टेक्नोलॉजी कोई जादू नहीं है, जादू इसे इस्तेमाल करने वाला शख्स है।
नेसकॉम की प्रेसिडेंट देबजानी घोष और टेक महिंद्रा के सीईओ सीपी गुरनानी ने एआई पर अपने विचार रखे।
बहुत काम की चीज है AI
पहले नैसकॉम की प्रेसिडेंट देबजानी घोष ने कहा कि एआई को आप जो समझते हैं वो उसी हिसाब से काम करता है। मेरी नजर में एआई ऑगमेंटेड रियलिटी है जिसका काम लोगों की प्रोडक्टिविटी और क्रिएटिविटी को बढ़ाना है। यहां एआई पर नियंत्रण भी हमें ही रखना है, मतलब कौन इसका इस्तेमाल कर रहा है और कैसे कर रहा है ये बात ध्यान देने वाली है। बाकी टेक्नोलॉजी की तरह एआई पर भी उसी तरह नियंत्रण रखा जाना चाहिए ताकि ये सिर्फ लोगों की मदद करने वाला एक जरिया बन सके।
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जिंदा होता तो पिकासो भी चौंक जाता
टेक महिंद्रा के सीईओ सीपी गुरनानी ने एमएस वर्ड का उदाहरण देते हुए कहा कि एक समय वो तकनीक भी लोगों के लिए नई थी, आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उसी दौर की याद दिलाता है। अगर आज पिकासो जिंदा होता तो वो भी चौंक जाता कि ये पेंटिंग उसकी है या किसी दूसरे शख्स की। सीपी गुरनानी ने कहा कि भले ही एआई काफी आगे बढ़ चुका है, लेकिन अब भी ये असलियत से बहुत दूर है। मसलन, गूगल मैप भले ही 3डी होने वाला है, लेकिन अगर हमें ड्राइवर के बिना गाड़ियां चलानी हैं तो इस तकनीक को बहुत आगे लेकर जाना होगा।
