भारत किसी से कम नहीं, अश्विनी वैष्णव बोले- ‘सेकेंड टियर AI पावर’ का टैग भारत को मंजूर नहीं

Davos 2026: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, मटीरियल, गैस और इक्विपमेंट को मिलाकर एक व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने पर फोकस कर रहा है, जिससे देश एक भरोसेमंद ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई-चेन हब के रूप में स्थापित हो सके।

Davos 2026: भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्ल्ड दवोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 (WEF) में मंगलवार को IMF लीडरशिप की उन टिप्पणियों का कड़ा जवाब दिया, जिसमें भारत को "सेकंड-टियर" आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पावर बताया गया था। उन्होंने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में कहा कि ग्लोबल असेसमेंट के मुताबिक भारत दुनिया के टॉप AI-रेडी देशों में से एक है। वैष्णव ने एक सेशन के दौरान IMF के टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए ए कहा, "मुझे नहीं पता कि IMF का क्राइटेरिया क्या है, लेकिन स्टैनफोर्ड AI तैयारी के मामले में भारत को दुनिया में तीसरे स्थान पर रखता है। मुझे नहीं लगता कि आपका क्लासिफिकेशन सही है।" उन्होंने आगे कहा कि AI लीडरशिप को सिर्फ एक बड़ा मॉडल बनाने की क्षमता तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे किसी देश की पूरी तरह से मजबूत टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम बनाने की क्षमता से परिभाषित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "एक बड़ा AI मॉडल बनाने से आपको देश के तौर पर ताकत नहीं मिलती," और इस तरह उन्होंने टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट के लिए भारत के बड़े नजरिए के बारे में बताया।

Ashwini Vaishnaw

अश्विनी वैष्णव

AI को लेकर भारत की तैयारियों के बारे में बताया

केंद्रीय मंत्री ने इस क्षेत्र में भारत की प्लानिंग के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने दावोस में WEF में एक पैनल चर्चा में कहा कि भारत डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, मटीरियल, गैस और इक्विपमेंट को मिलाकर एक व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने पर फोकस कर रहा है, जिससे देश एक भरोसेमंद ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई-चेन हब के रूप में स्थापित हो सके। उनके अनुसार, बदलती भू-राजनीतिक और आर्थिक वास्तविकताओं के बीच ग्लोबल इंडस्ट्री भारत को एक भरोसेमंद पार्टनर के रूप में देख रही है।

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