Cryptocurrency News: क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक नुकसान का रहा। तमाम क्रिप्टोकरेंसी में बड़ी गिरावट से निवेशकों के एक दिन में 19 अरब डॉलर से ज्यादा डूब गए। यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर 100% टैरिफ और सॉफ्टवेयर पर नए निर्यात नियंत्रण की घोषणा के बाद आई। ट्रंप के ऐलान के बाद दो प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी, बिटकॉइन और एथेरियम, में भारी गिरावट आई। आपको बता दें कि पिछले 5 दिन में Bitcoin 12% टूट गया है। क्रिप्टोकरेंसी एक्सपर्ट का कहना है कि यह गिरावट आगे भी जारी रह सकती है। इसलिए छोटे निवेशकों को बहुत ही सावधानी से फैसला लेने की जरूरत है। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही बिटक्वाइन ने रिकॉर्ड $1,25,000 के उच्च स्तर तक पहुंचा था।
बिटकॉइन
बिटकॉइन और एथेरियम में बड़ी गिरावट
ट्रंप की घोषणा से बिटकॉइन में 12% से ज्यादा की गिरावट आई, जो $125,000 से ज्यादा के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। आज बिटकॉइन $1,11,219 के आसपास कारोबार कर रहा है। एथेरियम में बड़ी गिरावट आई है। एनजिन (ENJ) और कॉसमॉस (ATOM) जैसे क्रिप्टो कॉइन्स की कीमतें कुछ समय के लिए क्रमशः $0.0000 और $0.001 तक गिरीं, फिर वापस उछाल लिया।
क्यों क्रिप्टोकरेंसी से निकलने की सलाह दे रहे एक्सपर्ट?
क्रिप्टो एक्सपर्ट का कहना है कि पिछले एक साल में क्रिप्टोकरेंसी में शानदार तेजी है। इसलिए अब मुनाफावसूली होने की उम्मीद है। इसलिए संभावना है कि टैरिफ और व्यापार तनाव के कारण क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में गिरावट और निवेशकों द्वारा पोजिशन कटिंग हो सकती है। लेकिन लंबी अवधि में क्रिप्टो का पोर्टफोलियो सकारात्मक नजर आता है, क्योंकि कई अर्थव्यवस्थाएं, जिनमें दुबई, अमेरिका, यूरो ज़ोन और चीन शामिल हैं, क्रिप्टो निवेश बढ़ाने की योजना बना रही हैं।
बिटकॉइन और अन्य प्रमुख कॉइन्स का हाल
YTD (साल की शुरुआत से अब तक)
- Bitcoin: +18.64% @$110,789
- Ethereum: +12.75% @$3,756
- Binance Coin: +55.85% @$1,092
क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट क्यों आ रही है?
क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट के कारणों पर प्रकाश डालते हुए Ya Wealth के निदेशक अनुज गुप्ता ने कहा कि चीन क्रिप्टोकरेंसी में प्रमुख निवेशकों में से एक है। चीन पर ट्रम्प द्वारा 100% अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा के बाद, आभासी संपत्तियों में बिकवाली का दबाव बढ़ा है। इसलिए, यह गिरावट है और हमें कुछ और बिकवाली की उम्मीद है, खासकर बिटकॉइन, एथेरियम, सोलाना और बिनेंस में, क्योंकि ये चीनी निवेश का एक बड़ा हिस्सा आकर्षित करते हैं।
