बेलगाम हुईं कच्चे तेल की कीमतें, 104 डॉलर के पार पहुंचा क्रूड ऑयल

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के तनाव और सप्लाई चेन में आई बाधा ने वैश्विक बाजार में खलबली मचा दी है, जिसका सबसे बड़ा असर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव $104 प्रति बैरल के पार निकल गया है। आइए जानते हैं कच्चे तेल में लगी इस 'आग' का आपके शहर की तेल कीमतों और आपकी जेब पर क्या असर पड़ने वाला है।

ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और आसमान से गिरती मिसाइलों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में खलबली मचा दी है। इस युद्ध का सबसे सीधा और घातक असर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में ऐसी आग लगी है कि ब्रेंट क्रूड का भाव $104 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है। हालांकि, पिछले 24 घंटों में मामूली सुधार के बाद यह $103 के आसपास बना हुआ है, लेकिन तनाव कम न होने की वजह से बाजार में अनिश्चितता बरकरार है। इस वैश्विक उछाल का असर सोमवार सुबह भारत के घरेलू बाजार में भी साफ तौर पर देखा गया, जहां कई शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव दर्ज किया गया।

crude oil prices

कच्चे तेल का हाल

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की मौजूदा स्थिति काफी नाजुक है। जहां ब्रेंट क्रूड $103.01 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है, वहीं अमेरिकी क्रूड (WTI) भी $98 प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में $1 की बढ़त भी देश के राजकोषीय घाटे और आम आदमी के बजट पर असर डालती है। फिलहाल सरकारी तेल कंपनियां स्थिति की निगरानी कर रही हैं, लेकिन जिस तरह से युद्ध की स्थिति बनी हुई है, उसे देखते हुए ईंधन की कीमतों में बड़ी राहत की उम्मीद फिलहाल कम ही दिखाई देती है।

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