क्या आप भी करते हैं क्रेडिट कार्ड का भारी इस्तेमाल? 1 अप्रैल से लागू होने जा रहे हैं ये 5 कड़े नियम, वरना फंस सकती है आपकी गाढ़ी कमाई

अगर आप भी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। दरअसल, 1 अप्रैल 2026 से आपके खर्च करने और बिल चुकाने के तरीके पर विभाग की पैनी नजर होगी। आइए जानते हैं वे 5 प्रमुख बदलाव जो आपकी जेब और टैक्स फाइलिंग पर सीधा असर डाल सकते हैं।

डिजिटल ट्रांजेक्शन के इस दौर में क्रेडिट कार्ड हमारी जीवनशैली का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है। रिवॉर्ड पॉइंट्स और 'अभी खरीदें, बाद में चुकाएं' की सुविधा इसे बेहद आकर्षक बनाती है। लेकिन, यदि आप अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बिना सोचे-समझे कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। आयकर विभाग (Income Tax Department) ने 'ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026' पेश किए हैं, जिनमें क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए कई कड़े प्रावधान किए गए हैं। अगर इन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो 1 अप्रैल 2026 से आपके खर्च करने और बिल चुकाने के तरीके पर विभाग की पैनी नजर होगी। आइए जानते हैं वे 5 प्रमुख बदलाव जो आपकी जेब और टैक्स फाइलिंग पर सीधा असर डाल सकते हैं।

Credit Card Income tax Rules

1. ₹10 लाख से ज्यादा के बिल पेमेंट

नए ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में अपने क्रेडिट कार्ड के बिलों का भुगतान ₹10 लाख या उससे अधिक करता है (चाहे वह नेट बैंकिंग, चेक या यूपीआई से हो), तो कार्ड जारी करने वाला बैंक या संस्था इसकी जानकारी सीधे आयकर विभाग को देगी। यह जानकारी SFT (वित्तीय लेनदेन का विवरण) के जरिए भेजी जाएगी। इसका मतलब है कि यदि आपका खर्च आपकी घोषित आय से मेल नहीं खाता, तो आपको विभाग की ओर से नोटिस मिल सकता है।

End of Feed