क्रेडिट कार्ड का मिनिमम ड्यू पेमेंट या बैलेंस ट्रांसफर, कौन सा है बेहतर विकल्प?

क्रेडिट कार्ड बिल का मिनिमम अमाउंट ड्यू (MAD) आपके कुल बिल का सिर्फ एक छोटा हिस्सा होता है। इसे समय पर भरने से आपका क्रेडिट स्कोर तो सुरक्षित रहता है, लेकिन ध्यान रहे अगर आप सिर्फ MAD ही चुकाते हैं, तो बाकी बकाया राशि पर भारी ब्याज लगता है, जिससे आपका कर्ज धीरे-धीरे बढ़ता जाता है।

पिछले कुछ सालों में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। अब लोग रोजमर्रा की खरीदारी जैसे ग्रोसरी, मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक सामान सब कुछ क्रेडिट कार्ड से करना पसंद करते हैं। लेकिन इसके साथ सबसे अहम बात यह है कि हर महीने क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर चुकाना जरूरी होता है। अगर आपने ध्यान दिया होगा तो क्रेडिट कार्ड के स्टेटमेंट में 2 अमाउंट- टोटल आउटस्टैंडिंग और मिनिमम अमाउंट ड्यू (MAD) नजर आता है। इसके अलावा आपके पास बैलेंस ट्रांसफर का भी एक विकल्प होता है, ऐसे में आइए जानते हैं आपके लिए कौन सा विकल्प बेस्ट है?

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क्या है मिनिमम ड्यू?

मिनिमम ड्यू पेमेंट वह रकम होती है जो बैंक आपके बिल के साथ बताता है यानी कम से कम इतनी राशि तो आपको चुकानी ही होगी। यह आमतौर पर कुल बकाया का लगभग 5% होती है। इसे भरने से आप अपने अकाउंट को डिफॉल्ट (भुगतान न करने की स्थिति) से बचा सकते हैं। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि बाकी बची राशि पर बैंक बहुत ऊंचा ब्याज वसूलता है, जो सालाना 35-40% तक हो सकता है। यानी अगर आपने सिर्फ मिनिमम ड्यू भरा, तो बकाया घटने के बजाय बढ़ सकता है और समय के साथ आपका कर्ज बढ़ता चला जाएगा।

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