Commercial LPG Cylinder Price Hike : ईरान-इजरायल युद्ध के बाद लगातार गैस की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। 1 मई से बदले नियमों के बाद वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर (Commercial LPG Cylinder) के दाम में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई, जिसके एक दिन बाद दिल्ली में रेस्तरां संचालकों और रेहड़ी पटरी वाले ने कहा कि यदि यह रुझान जारी रहा तो खाने के दाम बढ़ेंगे, वित्तीय दबाव बढ़ेगा और रोजगार पर भी असर पड़ सकता है। वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दाम में 993 रुपये की भारी वृद्धि की गई है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के बीच लगातार तीसरे महीने कीमतों में इजाफा किया गया है।
कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से दिल्ली में खाना हो सकता है महंगा (फोटो-AI)
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मानद कोषाध्यक्ष मनप्रीत सिंह ने कहा कि रेस्तरां पहले से ही आपूर्ति संबंधी चुनौतियों और बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिलेंडर की उपलब्धता में कठिनाई है और कई असंगठित क्षेत्रों में कालाबाजारी भी बढ़ रही है।
कितने बढ़े कमर्शियल सिलेंडर के दाम
उन्होंने बताया कि जो कीमत पहले करीब 1,600 रुपये थी और छूट के साथ 1,300 रुपये तक आ जाती थी, वह अब बढ़कर 3,000 से 4,000 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है। मध्यम आकार के एक रेस्तरां को रोजाना दो से पांच सिलेंडर की जरूरत होती है, जिससे लागत पर भारी दबाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि छोटे प्रतिष्ठानों के लिए स्थिति और कठिन हो सकती है। एसोसिएशन ने रेस्तरां को दीर्घकालिक समाधान के रूप में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) कनेक्शन की ओर जाने की सलाह दी है।
खान मार्केट स्थित ’मामागोटो’ के मालिक कबीर सूरी ने कहा कि सिलेंडर कीमतों में लगभग तीन गुना वृद्धि का असर उद्योग पर साफ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि ईंधन और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने से दबाव और बढ़ गया है और यदि यह जारी रहा तो खाने के दाम बढ़ाना अनिवार्य हो जाएगा।
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक तेल कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे ईंधन और परिवहन लागत भी बढ़ गई है। पश्चिमी दिल्ली के एक रेस्तरां संचालक ने कहा कि वह लागत बढ़ने के बावजूद कर्मचारियों को समय पर वेतन देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन स्थिति लंबी चली तो मेन्यू की कीमतें बढ़ानी पड़ेंगी। उत्तरी दिल्ली के एक अन्य संचालक ने कहा कि सिर्फ खर्चों में कटौती से काम नहीं चलेगा और ईंधन कीमतें ऊंची रहीं तो व्यवसाय चलाना मुश्किल हो जाएगा।
शादी-ब्याह वाले घरों पर असर
इसके अतिरिक्त शादी ब्याह में एक ही जगह खाना बनाने और परोसने का चलन है, जिससे हर डिश को गर्म करने के लिए लगातार गैस का इस्तेमाल करना पड़ता है। लिहाजा जितने चूल्हे उतने सिलेंडर की जरूरत होगी। इसका ड्रॉ बैक ये है कि खुली जगहों पर पीएनजी की लाइन नहीं होती। ऐसी स्थिति में ग्राहकों की जेब पर भारी बोझ पड़ेगा।
कमर्शियल गैस की कीमतें बढ़ने का सबसे असर उन लोगों पर पड़ेगा, जो घरों से बाहर रहकर नाश्ता-खाना इत्यादि खरीद कर खाते हैं। खासकर, मजदूर, कामकाजी लोग, छात्रों पर असर पड़ेगा। इसके अलावा इसका असर होटल संचालकों की कमाई पर भी पड़ेगा।
