Coal India Increases Non-Coking Coal Rate: सरकारी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया (Coal India) या सीआईएल (CIL) ने पांच हाई-ग्रिड नॉन-कोकिंग कोयले की कीमतों में इजाफा कर दिया है। 5 साल में पहली बार सीआईएल ने इस विशेष कोयले की कीमतों में 8 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इससे पहले सीआईएल ने 2018 में कोयले की कीमतें महंगी की थीं। सीआईएल का कोयला महंगा करने का फैसला इसकी बाकी सब्सिडियरी कंपनियों को मानना होगा। सीआईएल के इस फैसले का असर आम आदमी पर भी पड़ सकता है, क्योंकि कोयला महंगा होने से बिजली के दाम बढ़ सकते हैं।
कोल इंडिया ने नॉन-कोकिंग कोल के दाम बढ़ाए
कब से बढ़ेंगे कोयले के दाम
कोल इंडिया की तरफ कोयले के दाम बढ़ाने का फैसला आज यानी 31 मई की रात 12 बजे से लागू हो जाएंगी। बता दें कि टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार भारत में पिछले वित्त वर्ष में कोयले से 1162.91 अरब किलोवाट बिजली कोयले से जनरेट की गई। इसका मतलब है कि कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी से बिजली महंगी हो सकती है, जिससे आपका बिजली का बिल बढ़ सकता है।
भारत की कुल बिजली मांग (जो लगभग 6.4 प्रतिशत की सालाना दर से बढ़ रही है) में से 73-77 प्रतिशत को कोयले से बनने वाली बिजली से पूरा किया जाता है।
इनकम में होगा इजाफा
कोल इंडिया के मुताबिक कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी से चालू वित्त वर्ष 2023-2024 के बचे हुए महीनों में इसे अच्छी खासी इनकम हो सकती है। 2023-24 के बाकी महीनों में कंपनी 2703 करोड़ रु कमा सकती है, क्योंकि ये अब कोयला नए दामों पर बेचेगी।
क्यों बढ़ाए दाम
गौरतलब है कि सीआईएल ने अपने 2.38 लाख कर्मचारियों के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत, एमोल्यूमेंट्स (बेसिक, वीडीए, एसडीए और अटेंडेंस बोनस) पर 1 जुलाई, 2021 से 19 फीसदी मिनिमम गारंटीड बेनेफिट और अलाउंसेज में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। इस सैलेरी स्ट्रक्चर में बदलाव से सीआईएल पर करीब 6,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बढ़ेगा।
