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Closing Bell : Sensex 104 और Nifty 32 अंक लुढ़ककर बंद, 3 वजहों से लगा 4 दिन की रैली पर ब्रेक

शेयर बाजार में 4 दिन से जारी दमदारी रैली ने आज दम तोड़ दिया। बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty सहित ज्यादातर बड़े इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। हालांकि, IT शेयरों की रिकवरी ने बाजार को संभाला।

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शेयर बाजार में गिरावट

Closing Bell Stock Market Today 7 July 2026 : लगातार 4 कारोबारी सत्रों की शानदार तेजी के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की रफ्तार थम गई है। दिनभर उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार करने के बाद Sensex 104.35 अंक (0.13%) गिरकर 78,180.72 पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 भी 31.65 अंक (0.13%) टूटकर 24,398.70 पर बंद हुआ। हालांकि कारोबार की शुरुआत मजबूत रही थी और निफ्टी ने 24,530.90 का इंट्राडे हाई भी छुआ, लेकिन ऊंचे स्तरों पर बिकवाली बढ़ने से बाजार अपनी बढ़त कायम नहीं रख सका। लगातार चार दिन में करीब 2.4% की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।

मुनाफावसूली ने बिगाड़ा खेल

बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह मुनाफावसूली रही। पिछले चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों करीब 2.4% चढ़ चुके थे और 10 सप्ताह के सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुए थे। ऐसे में निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा निकालना बेहतर समझा। शुरुआती तेजी के बाद बिकवाली बढ़ने से बाजार लाल निशान में फिसल गया।

मेटल और रियल्टी शेयरों में बिकवाली

मंगलवार की कमजोरी का सबसे बड़ा असर मेटल और रियल्टी सेक्टर पर दिखा। Nifty Metal इंडेक्स 1.10% और निफ्टी रियल्टी 1.58% टूट गया। इसके अलावा हेल्थकेयर, केमिकल, स्मॉलकैप और माइक्रोकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। हालांकि, Nifty IT 2.43% की मजबूत बढ़त के साथ बाजार का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मिडस्मॉल आईटी इंडेक्स में भी खरीदारी देखने को मिली, लेकिन यह बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही।

24,500 के ऊपर नहीं टिक पाया निफ्टी

तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि बाजार की अगली तेजी के लिए 24,500 का स्तर बेहद अहम है। निफ्टी दिन में इस स्तर के ऊपर गया, लेकिन वहां टिक नहीं सका और अंत में नीचे बंद हुआ। एशियाई बाजारों से भी घरेलू बाजार को मजबूत समर्थन नहीं मिला। जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंगसेंग, चीन का शंघाई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी गिरावट के साथ बंद हुए। दक्षिण कोरिया के सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के बेहतर नतीजों के बावजूद निवेशकों की उम्मीदें और ऊंची थीं, जिससे चिप कंपनियों में बिकवाली देखने को मिली और पूरे एशियाई बाजार पर दबाव बढ़ गया।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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