China Economy Slowdown : चीन की अर्थव्यवस्था ने जुलाई से सितंबर की तिमाही के दौरान केवल 4.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो पिछले एक वर्ष में सबसे धीमी वृद्धि है। यह आंकड़ा चीन की आर्थिक स्थिति में कमजोरी और वैश्विक आर्थिक दबावों का संकेत देता है। कमजोर घरेलू मांग और अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार तीसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर घटकर 4.8 प्रतिशत रही, जो 2024 की तीसरी तिमाही के बाद से सबसे कम है। इस साल जनवरी-सितंबर में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था 5.2 प्रतिशत वार्षिक गति से बढ़ी। ऐसे में यह गिरावट चीन की आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार में आई धीमी गति को दर्शाती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन की आंतरिक खपत अभी भी महामारी के बाद की स्थितियों से पूरी तरह उबर नहीं पाई है। इसके अलावा, रियल एस्टेट सेक्टर में जारी संकट और उपभोक्ता विश्वास की कमी भी वृद्धि को प्रभावित कर रही है।
चीन की अर्थव्यवस्था की रफ्तार सबसे धीमी! (तस्वीर-istock)
अमेरिका-चीन व्यापार तनाव का असर
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक चीन की अर्थव्यवस्था पर अमेरिका के साथ चल रहे व्यापार तनाव का भी प्रभाव पड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन से आयातित वस्तुओं पर ऊंचे टैरिफ लगाने की नीति का असर चीन के निर्यात पर देखा गया। हालांकि इसके बावजूद चीन का कुल निर्यात अपेक्षाकृत स्थिर बना रहा है। विश्लेषकों के अनुसार चीन की कंपनियों ने अमेरिकी बाजार की भरपाई के लिए अन्य वैश्विक बाजारों की ओर रुख किया है। एशिया, अफ्रीका और यूरोप के कुछ हिस्सों में निर्यात बढ़ाने की कोशिशों से निर्यात क्षेत्र को कुछ राहत मिली है।
जनवरी-सितंबर में औसत वृद्धि 5.2 प्रतिशत
जनवरी से सितंबर के बीच चीन की अर्थव्यवस्था ने कुल मिलाकर 5.2 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की, जो कि सरकार के सालाना लक्ष्य के करीब है। हालांकि तिमाही आंकड़ों में आई गिरावट चिंता का विषय बनी हुई है। सरकार को उम्मीद है कि आगामी महीनों में प्रोत्साहन उपायों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के जरिए आर्थिक रफ्तार को फिर से तेज किया जा सकेगा।
चीन की अर्थव्यवस्था फिलहाल वैश्विक दबाव घरेलू चुनौतियों और व्यापार तनावों के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रही है। अगर नीतिगत प्रयासों और वैश्विक व्यापार में सुधार होता है, तो आने वाली तिमाहियों में आर्थिक वृद्धि दोबारा गति पकड़ सकती है।
