शेयर बाजार में तेजी लौटी है। इसका असर प्राइमरी मार्केट में भी दिखाई दे रहा है। कंपनियां एक बार फिर IPO लेकर आ रही है। इस हफ्ते तीन कंपनियों के आईपीओ खुल रहे हैं। अगर आप भी आईपीओ में दांव लगाते हैं तो आपके लिए यह समझना जरूरी है कि सभी आईपीओ में पैसा नहीं बनता। इसलिए सही कंपनी के आईपीओ का चुनाव करना बहुत जरूरी है। हम आपको बता रहे हैं कि किसी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।
आईपीओ
1. कंपनी के बिजनेस मॉडल को समझें
किसी भी कंपनी के आईपीओ में पैसा लगाने से पहले उस कंपनी के बिजनेस मॉडल को समझें। वह कंपनी क्या काम करती है? उसका रेवेन्यू (कमाई) कहा से आता है? अगर कंपनी का बिजनेस मॉडल आसान है और आपको आसानी से समझ आ रहा है, तो उसमें निवेश करना सुरक्षित माना जाता है। ऐसी कंपनियों से बचें जिनका बिजनेस बहुत पेचीदा हो या जिनके भविष्य के विकास को लेकर आप आश्वस्त न हों।
2. रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को ध्यान से पढ़ें
किसी भी आईपीओ के लिए DRHP (Draft Red Herring Prospectus) सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। कंपनी इसे सेबी (SEBI) के पास जमा करती है। इस दस्तावेज में आपको निम्नलिखित जानकारियां मिलेंगी:
- कंपनी का इतिहास और प्रमोटर्स की जानकारी।
- कंपनी के वित्तीय आंकड़े (Financials)।
- कंपनी के सामने आने वाले संभावित जोखिम (Risk Factors)।
डीआरएचपी को ध्यान से पढ़कर आप कंपनी के बिजनेस मॉडल से लेकर तमाम जरूरी जानकारी आसानी से जुटा सकते हैं। प्रॉस्पेक्टस में यह स्पष्ट लिखा होता है कि कंपनी आईपीओ से जुटने वाले पैसे का क्या करेगी।इससे आपको फैसला लेने में आसानी होगी।
3. फाइनेंशियल सेहत की जांच करें
किसी भी कंपनी के आईपीओ में निवेश से पहले उस कंपनी की फाइेंनशियल सेहत की जानकारी जरूर लें। कंपनी का पिछले 3 से 5 वर्षों में कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा है? निवेश करने से पहले इन तीन चीजों पर नजर डालें:
- रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ: क्या कंपनी की कमाई और शुद्ध मुनाफा लगातार बढ़ रहा है?
- कर्ज का स्तर: क्या कंपनी पर बहुत ज्यादा कर्ज है? भारी कर्ज वाली कंपनियों में जोखिम अधिक होता है।
- मार्जिन: क्या कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन उसके प्रतिस्पर्धियों से बेहतर है?
4. प्रमोटर्स और मैनेजमेंट की बैकग्राउंड चेक करें
एक मजबूत और अनुभवी मैनेजमेंट किसी भी कंपनी को अर्श पर ले जा सकता है। आईपीओ में पैसा लगाने से पहले देखें कि कंपनी के प्रमोटर्स कौन हैं, उनका ट्रैक रिकॉर्ड कैसा है और क्या अतीत में उनके खिलाफ कोई कानूनी या डिफॉल्ट का मामला तो नहीं रहा है। एक पारदर्शी और योग्य मैनेजमेंट ही निवेशकों के पैसे को सुरक्षित रख सकता है।
5. वैल्यूएशन और पियर कंपैरिजन
आईपीओ में पैसा लगाने से पहले वैल्यूएशन जरूर चेक करें। क्या आईपीओ का प्राइस बैंड सही तय किया गया है या कंपनी बहुत महंगी मिल रही है? इसके लिए कंपनी के P/E रेशियो की तुलना उसी सेक्टर की दूसरी लिस्टेड कंपनियों (Peers) से करें। अगर कंपनी अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बहुत महंगे वैल्यूएशन पर आ रही है, तो लिस्टिंग पर बड़ा मुनाफा मिलने की गुंजाइश कम हो जाती है।
मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि आईपीओ में निवेश करना केवल किस्मत का खेल नहीं है, बल्कि यह गहरी रिसर्च की मांग करता है। बाजार के हाइप या सोशल मीडिया के शोर में बहने के बजाय सही रिसर्च के बाद किया गया निवेश जोखिम को कम करता है और कमाई की गुंजाइश को बढ़ाता है।
