नौकरी बदली है? तो पीएफ ट्रांसफर करना मत भूलना; जानिए कैसे यह एक कदम आपके PF विड्रॉल को रखेगा पूरी तरह टैक्स-फ्री

नौकरी बदलने पर पुराने पीएफ (PF) को नए खाते में ट्रांसफर करना बेहद जरूरी है। ऐसा न करने पर पुराने और नए रोजगार की कुल 5 साल की निरंतर सेवा (Continuous Service) का चक्र टूट जाता है।

आज के दौर में बेहतर करियर ग्रोथ, अच्छी सैलरी और बढ़िया पैकेज के लिए नौकरी बदलना एक आम बात हो गई है। जब भी कोई कर्मचारी एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी ज्वाइन करता है, तो वह नई सैलरी और नए माहौल को लेकर काफी उत्साहित रहता है। लेकिन इस भागदौड़ में अक्सर लोग अपने पिछले एम्प्लोयी प्रोविडेंट फंड (EPF) अकाउंट को नई कंपनी में ट्रांसफर करना भूल जाते हैं। कई लोग सोचते हैं कि पुरानी कंपनी का पीएफ खाता वैसे ही पड़ा रहने देते हैं, बाद में एक साथ पूरा पैसा निकाल लेंगे। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो सावधान हो जाइए। नौकरी बदलने के बाद पुराना पीएफ नए खाते में ट्रांसफर न करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है और आपको अपने ही जमा पैसों पर सरकार को मोटा टैक्स देना पड़ सकता है।

EPFO

कैसे ट्रांसफर करें EPFO अकाउंट?

5 साल का नियम क्या है?

ईपीएफओ (EPFO) के नियमों के मुताबिक, अगर आप अपने पीएफ खाते से लगातार 5 साल की सर्विस पूरी होने से पहले पैसा निकालते हैं, तो उस विड्रॉल (निकासी) पर टैक्स लगता है। यहां 'लगातार 5 साल' का मतलब एक ही कंपनी में 5 साल काम करना नहीं है। अगर आपने पहली कंपनी में 2 साल काम किया और दूसरी कंपनी में 3 साल काम किया, और नौकरी बदलते ही अपना पुराना पीएफ नए खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिया, तो आपकी कुल सर्विस 5 साल (2+3) मान ली जाएगी। इस स्थिति में जब आप भविष्य में पीएफ का पैसा निकालेंगे, तो वह पूरी तरह से टैक्स-फ्री (Tax-Free) होगा।

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