Card Payment Failed at Checkout : कई बार ऑनलाइन शॉपिंग (Online Shopping) या किसी वेबसाइट पर पेमेंट करते समय कार्ड ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है। ऐसे में यह केवल ग्राहक के लिए परेशानी भरा नहीं होता, बल्कि मर्चेंट के लिए भी नुकसान का कारण बन सकता है। खासतौर पर तब, जब ग्राहक खरीदारी पूरी करने के लिए तैयार हो, उसका कार्ट भरा हो और वह पेमेंट करने के अंतिम चरण तक पहुंच चुका हो। ऐसे समय पर अगर कार्ड पेमेंट रिजेक्ट हो जाता है तो ग्राहक खरीदारी छोड़ भी सकता है। हालांकि, कार्ड ट्रांजैक्शन फेल होने के कई कारण हो सकते हैं, यह समस्या मर्चेंट, ग्राहक या नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। इस आर्टिकल में आपको चेकआउट पर पेमेंट फेल होने के ही कुछ बड़े कारण बता रहे हैं-
चेकआउट पर कार्ड पेमेंट क्यों हो जाता है फेल (Photo: iStock)
अकाउंट में पर्याप्त पैसा न होना
कार्ड पेमेंट फेल होने की सबसे सामान्य वजहों में Insufficient Funds शामिल है। इसका मतलब है कि ग्राहक के बैंक अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस नहीं है या क्रेडिट कार्ड में उपलब्ध क्रेडिट लिमिट कम पड़ रही है। ऐसी स्थिति में बैंक ट्रांजैक्शन को ऑथराइज नहीं करता और पेमेंट फेल हो जाता है।
एक्सपायर्ड कार्ड का इस्तेमाल
डेबिट या क्रेडिट कार्ड की एक वैलिड अवधि होती है। अगर ग्राहक एक्सपायर हो चुके कार्ड से पेमेंट करने की कोशिश करता है तो ट्रांजैक्शन रिजेक्ट हो सकता है। ऐसे में ग्राहक को अपने कार्ड की Expiry Date चेक करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर नया कार्ड इस्तेमाल करना चाहिए।
गलत CVV डालना
ऑनलाइन कार्ड पेमेंट करते समय CVV एक जरूरी सुरक्षा जानकारी होती है। अगर ग्राहक तीन अंकों वाला CVV गलत दर्ज कर देता है तो पेमेंट फेल हो सकता है। इसलिए कार्ड की जानकारी भरते समय CVV सही तरीके से दर्ज करना जरूरी है।
Billing Address में गलती
कुछ कार्ड पेमेंट में Billing Address की भी जांच की जाती है। अगर ग्राहक द्वारा दी गई जानकारी और कार्ड से जुड़ी जानकारी में अंतर होता है तो AVS यानी Address Verification Service की जांच फेल हो सकती है।
3-D Secure Verification में समस्या
कई ऑनलाइन कार्ड पेमेंट में 3-D Secure Verification की जरूरत होती है। इसमें ग्राहक को OTP डालना या अतिरिक्त Verification पूरा करना पड़ सकता है। अगर OTP गलत दर्ज किया जाए, Verification पूरा न हो या ग्राहक के ब्राउजर में 3-D Secure वाला पेज बंद हो जाए तो पेमेंट फेल हो सकता है।
Issuer Bank की तरफ से डिक्लाइन
कई बार ग्राहक द्वारा कार्ड की सही जानकारी देने और पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद बैंक ट्रांजैक्शन को मंजूरी नहीं देता। इसे Issuer Decline कहा जाता है।इसमें ग्राहक का बैंक किसी रिस्क या दूसरे कारण से ऑथराइजेशन को अस्वीकार कर सकता है।
