क्या ईरान होर्मुज पर टोल वसूल सकता है? समुद्र में टैक्स वसूलने के क्या हैं नियम?

ईरान ने होर्मुज पर टैक्स वसूलने की योजना बनाई है, लेकिन क्या अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत कोई भी देश खुले समुद्र में ऐसा कोई टैक्स लगा सकता है? या यह पूरी तरह से अवैध है? आइए जानते हैं

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) दुनिया की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जुबानी जंग अब इस 33 किलोमीटर चौड़े समुद्री रास्ते पर 'टोल टैक्स' की वसूली तक पहुंच गई है। ईरान का दावा है कि इस रास्ते पर उसका अधिकार है और वह यहां से गुजरने वाले हर जहाज से 20 लाख डॉलर वसूलना चाहता है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत कोई भी देश खुले समुद्र में ऐसा कोई टैक्स लगा सकता है? या यह पूरी तरह से अवैध है?

Strait of Hormuz

होर्मुज पर मालिकाना हक़ किसका?

भौगोलिक स्थिति को देखें तो होर्मुज जलडमरूमध्य के एक तरफ ईरान की सीमा है, तो दूसरी तरफ ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) स्थित हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) के अनुसार, किसी भी देश का अपनी तटरेखा से 12 समुद्री मील (लगभग 22 किमी) तक के पानी पर संप्रभु अधिकार होता है, जिसे 'प्रादेशिक जल' (Territorial Water) कहा जाता है। चूंकि यह रास्ता बेहद संकरा है, इसलिए यहां 'मीडियन लाइन' (बीच की काल्पनिक रेखा) का सिद्धांत लागू होता है, जिससे आधा रास्ता ईरान और आधा ओमान के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि, कानूनी रूप से गहरे पानी वाला मुख्य रास्ता ओमान की ओर पड़ता है, जहां से बड़े तेल टैंकर गुजरते हैं। इसलिए ईरान का इस पूरे रास्ते पर मालिकाना हक जताना तकनीकी और कानूनी रूप से गलत है।

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