Gold-Silver Investment: MCX पर सोना 71,400 रुपये से थोड़ा नीचे है, जबकि कॉमेक्स पर ये 2,325 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी 87,000 रुपये से नीचे है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट के अनुसार इस समय सोना 71083 रु और चांदी 86761 रु पर है। अगले महीने बजट आने वाला है। ऐसे में इस समय सोने या चांदी में निवेश करना सही होगा या नहीं, आगे जानिए एक्सपर्ट की राय।
सोने-चांदी में कब करें खरीदारी
ये भी पढ़ें -
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
बजट 2024 से पहले सोने-चांदी में खरीदारी करें या नहीं, इस सवाल का जवाब ईटी नाउ स्वदेश के साथ खास बातचीत में एमिरेट्स एनबीडी के धर्मेश भाटिया, एसएमसी ग्लोबल की वंदना भारती और जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन विपुल शाह ने दिया है।
धर्मेश भाटिया और वंदना भारती के मुताबिक सोने और चांदी पर तकनीकी दबाव है। इसलिए उन्होंने शॉर्ट टर्म सेलिंग की सलाह दी है। भाटिया का सुझाव है कि जब तक सोना 70,800 रुपये से नीचे नहीं आता, तब तक बाजार में कोई खास गिरावट नहीं आएगी और उन्होंने 71,450 रुपये के स्तर के आसपास सोना बेचने की सलाह दी है।
बुलियन मार्केट में रह सकती मंदी
भाटिया के अनुसार बाजार में ओवरबॉट (अनुचित तौर पर उच्च मूल्यों पर अत्यधिक खरीदारी के चलते कीमत बढ़ता) स्थिति है, खास तौर पर बुलियन और एनर्जी सेक्टर में, जो मुख्य रूप से मजबूत डॉलर की वजह से है।
उन्होंने कहा कि सोने में पहले ही 100 डॉलर की गिरावट देखी जा चुकी है और आगे भी इसमें मंदी रह सकती है। लंबी अवधि के खरीदारों के लिए, भाटिया ने सलाह दी है कि आने वाले महीनों में बाजार में गिरावट की उम्मीद करते हुए, खरीदारी के उचित मौके मिलने का इंतजार करें। उन्हें उम्मीद है कि सितंबर में ब्याज दरों में कटौती से निवेश की बेहतर स्थिति बन सकती है।
चांदी पर क्या है राय
चांदी हाई लेवल से नीचे आई है और भाटिया ने इसमें आगे भी गिरावट का अनुमान लगाया है। उन्होंने शॉर्ट टर्म गेन के लिए मौजूदा स्तरों पर चांदी बेचने का सुझाव दिया।
हीरा इंडस्ट्री का क्या है हाल
रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद ( Gems and Jewellery Export Promotion Council) के अध्यक्ष विपुल शाह के मुताबिक हीरा इंडस्ट्री के लिए चुनौतीपूर्ण समय है। पिछली तिमाही में निर्यात में 15% की गिरावट आई है। उन्होंने इंडस्ट्री को सपोर्ट देने के लिए फौरन सरकारी नीतियों की आवश्यकता पर जोर दिया।
बजट में इंडस्ट्री की क्या है डिमांड
शाह ने भारत की हीरा मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग कैपेसिटी को सपोर्ट करने के लिए कच्चे माल के लिए 'स्पेशल नोटिफाइड जोन' की माँग पर जोर दिया। उन्होंने दुबई और बेल्जियम जैसे प्रमुख केंद्रों के साथ ग्लोबल डायमंड मार्केट में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका की भी बात कही।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर सोना-चांदी के मार्केट की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। यहां पर दी गई सलाह ईटी नाउ स्वदेश की रिपोर्ट के आधार पर है और शेयर पर राय ईटी नाउ स्वदेश को एक्सपर्ट्स द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत डॉट कॉम निवेश पर अपनी कोई सलाह नहीं दे रहा है।
