Lemon Grass Business Idea: परंपरागत गेहूं, धान की फसलों के साथ अब कुछ किसान औषधीय और हर्बल पौधों की खेती भी करने लगे हैं। इससे किसानों को आमदनी बढ़ाने में मदद मिल रही है। ऐसा ही एक औषधीय पौधा है लेमन ग्रास, जिसकी इन दिनों काफी मांग है। न सिर्फ घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसकी खूब मांग है। लेमन ग्रास की खेती कम पानी या बंजर जमीन पर भी आसानी से की जा सकती है। यानी इसके लिए आपको अपने उपजाऊं खेत को इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
किसान औषधीय और हर्बल पौधों की खेती भी करने लगे हैं।
लेमन ग्रास को नींबू घास, चाइना घास और मालाबार घास भी कहते हैं। इसकी पत्तियों से नींबू की सुगंध आती है। यह कई औषधीय गुणों से भरपूर है। इसमें विटामिन और मिनरल भी पाया जाता है।
कैसी होनी चाहिए मिट्टी और जलवायु
लेमन ग्रास की खेती लगभग सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है। लेकिन, पौधे के बेहतर विकास के लिए उपजाऊ दोमट मिट्टी अच्छी होती है। इसकी खेती जलभराव वाले क्षेत्र में नहीं करना करना चाहिए। इसकी खेती कम बारिश वाले इलाके में भी आसानी से की जा सकती है। वहीं इसकी खेती के लिए सामान्य जलवायु अनुकूल होती है। इसके पौधे को अधिक धूप की जरूरत होती है। इससे पौधों में तेल की मात्रा बढ़ती है। इसके लिए बेहतर तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तक का होता है। लेमन ग्रास की खेती मुख्य रूप से केरल, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, असम, महाराष्ट्र, और पश्चिम बंगाल में की जाती है। वहीं अब इसकी खेती बिहार में भी शुरू कर दी गई हैं।
लेमन ग्रास की खेती से कितनी कमाई
लेमन ग्रास की एक एकड़ खेती में 30,000 से 40,000 रुपये तक का खर्च हो सकता है। साल भर में लेमन ग्रास की फसल में 5-6 कटाईयां करके पत्तियां निकाली जा सकती है। लेमन ग्रास की पत्तियों से तेल भी निकाली जाती है। एक लीटर लेमन ग्रास तेल की कीमत 1,000 से 2,500 रुपये है। लेमन ग्रास को सुखाकर चाय पत्ती भी बनाई जाती है। इस तरह लेमन ग्रास से एक साल में 1 लाख से 2 लाख रुपये तक अच्छी कमाई हो सकती है।
लेमन ग्रास के फायदे
लेमन ग्रास को कई बीमारियों से बचा जा सकता है। इस घास में एंटीऑक्सीडेंट, सोडियम, आयरन और पोटैशियम पाया जाता है। लेमन ग्रास काफी बीमारियों के लिए फायदेमंद है जैसे, सिरदर्द, माइग्रेन, गंजापन, खांसी-जुकाम, पेट संबंधी समस्याओं में फायदेमंद होता है।
