Union Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश कर रही हैं। पारंपरिक ‘बही-खाता’ शैली की थैली में लिपटे एक डिजिटल टैबलेट के जरिये अपना लगातार आठवां बजट पेश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। उन्होंने बजट में बिहार के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। जिसमें बिहार में ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए एक संशोधित उड़ान योजना शुरू की जाएगी, जिसमें अगले 10 वर्षों में 120 नई मंजिलों को जोड़ने और अतिरिक्त 4 करोड़ यात्रियों को ले जाने की योजना है। साथ ही बिहार में खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और प्रबंधन के राष्ट्रीय संस्थान की स्थापना की जाएगी। आइये जानते हैं राज्य के लिए और क्या ऐलान किये गए हैं। सीतारमण ने कहा कि सरकार बिहार की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्य में नए हवाई अड्डों की सुविधा भी प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा पश्चिमी कोसी नहर के लिए सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र में 50,000 हेक्टेयर भूमि को लाभ मिलेगा।
बिहार के लिए बजट का ऐलान
बिहार में मखाना उत्पादों को बढ़ावा
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि बिहार के मखाना उत्पादन करने वाले किसानों के लिए और अधिक अवसर पैदा होंगे। इसके लिए एक मखाना बोर्ड बनाया जाएगा। यह मखाना बोर्ड ही अब मखाना उगाने वाले किसानों को ट्रेनिंग भी देगा। वित्त मंत्री ने साथ ही यह भी घोषणा की कि सरकार मखाना उगाने वाले किसानों को पैकेज भी देगी। बता दें कि बिहार का मिथिलांचल मखाना उगाने के लिए मशहूर है। मिथिला में मखाना को मखान कहा जाता है। यह मिथिला की तीन विश्व प्रसिद्ध सांस्कृतिक पहचानों में से एक है। मिथिलांचल को तालाब, मछली और माखन (मखाना) के लिए जाना जाता है।
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बिहार में दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज जिलों में मुख्यतौर पर मखाना का उत्पादन होता है। एक आंकड़े के अनुसार दुनिया का कुल 80 फीसद और देश का 85 फीसद मखाना उत्पादन अकेले बिहार में होता है। मखाना के उत्पादन, विपणन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए बिहार में मखाना बोर्ड स्थापित किया जाएगा।
वेस्टर्न कोसी कैनाल को वित्तीय मदद
वेस्टर्न कोसी कैनाल प्रोजेक्ट को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में भी बात की। उन्होंने कहा कि वेस्टर्न कोसी कैनाल को वित्तीय मदद दी जाएगी। वेस्टर्न कोसी कैनाल प्रोजेक्ट करीब 6 दशक पुराना है और अभी तक इसका काम पूरा नहीं हो पाया है। अगर वेस्टर्न कोसी कैनाल यानी पश्चीमी कोसी नहर की सभी योजनाएं पूरी हो जाती हैं तो इससे मिथिला क्षेत्र ढाई लाख से ज्यादा हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का पानी मिलने लगेगा। जिन इलाकों में सिंचाई क्षमता खत्म हो गई है, उन्हें भी री-स्टोर कर लिया जाएगा।
बता दें कि मिथिलांचल क्षेत्र में सिंचाई के लिए बनी इस योजना का डीपीआर साल 1962 में बनी थी। इसके भी 9 साल बाद यानी 1971 में इय योजना पर काम शुरू हुआ और 50 वर्ष से अधिक होने पर भी इसका काम आज तक पूरा नहीं हो पाया है। इस योजना के तहत कई छोटे-छोटे हिस्सों में काम नहीं हुआ है, जिसके कारण पूरी योजना का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। बता दें कि इस परियोजना के तहत मुख्य नहर की लंबाई 91.82 किमी लंबी है।
पटना आईआईटी विस्तार
पटना आईआईटी विस्तार होगा। इसके अलावा पटना आईआईटी के लिए छात्रावास का ऐलान किया गया है। भारत में निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही मिथलांचल रीजन के लिए सिंचाई स्कीम का ऐलान किया गया है।
