Kota Stone Market: राजस्थान का कोटा शहर, जो देशभर में कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है, कठिन समय का सामना कर रहा है। यहां के व्यवसायी, उद्योगपति और स्थानीय नागरिक आगामी बजट 2025-26 में आईटी और पर्यटन क्षेत्र के लिए प्रोत्साहन की उम्मीद कर रहे हैं।
बजट 2025-26: कोटा में पर्यटन और आईटी के विकास की कितनी उम्मीद?
कोचिंग इंडस्ट्री पर आत्महत्या की घटनाओं का असर
कोटा की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा कोचिंग उद्योग पर आधारित है। हालांकि, हाल के वर्षों में छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं ने इस उद्योग को प्रभावित किया है। इसके चलते शहर में पर्यटन और अन्य क्षेत्रों के विकास की मांग बढ़ी है।
पर्यटन क्षेत्र में विकास की संभावनाएं
कोटा और उसके पड़ोसी जिले बूंदी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां चंबल रिवरफ्रंट, दो बाघ अभयारण्य, ऐतिहासिक स्थान, प्राचीन मंदिर और विरासत स्थल पर्यटन को बढ़ावा देने के मुख्य केंद्र हो सकते हैं। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित हवाई अड्डे से इस क्षेत्र में निवेश और पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता है।
आईटी और औद्योगिक विकास की मांग
कोटा व्यापार महासंघ और राजस्थान छात्रावास महासंघ ने कोटा में आईटी हब और औद्योगिक गलियारा स्थापित करने की मांग की है। इसके अलावा, कोटा पत्थर बाजार को विकसित करने की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की वकालत भी की जा रही है।
छात्रों और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत
कोटा विश्वविद्यालय की शोध छात्रा गरिमा सक्सेना ने शोध कार्यक्रमों के लिए अधिक धनराशि और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों की मांग की। स्नातक छात्रा दामिनी चतुर्वेदी ने परीक्षा शुल्क में कमी की अपील की।
वहीं, कोचिंग संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता सुजीत स्वामी ने राष्ट्रीय स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य संस्थान की स्थापना का सुझाव दिया।
स्थानीय नेताओं की भूमिका
कोटा-बूंदी से सांसद और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित अन्य स्थानीय नेताओं से बजट में इस क्षेत्र के विकास के लिए दबाव बनाने की अपील की जा रही है। रियल एस्टेट और उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को कोटा की गिरती अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
भाषा इनपुट के साथ
