Budget 2025: भारत के आतिथ्य क्षेत्र (हॉस्पिटैलिटी सेक्टर) को प्रोत्साहन देने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बेहतर बनाने के लिए होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएआई) ने बजट 2025 को लेकर अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना, कर दरों को तर्कसंगत बनाना, आसान वीजा प्रक्रिया, और निजी निवेश को बढ़ावा देना शामिल हैं।
बजट 2025 से उम्मीदें
आतिथ्य क्षेत्र को चाहिए बुनियादी ढांचे का दर्जा
एचएआई के अध्यक्ष के बी काचरू ने कहा कि आतिथ्य क्षेत्र को बुनियादी ढांचे का दर्जा दिए बिना इसकी क्षमता को पूरी तरह से उपयोग करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जापान, दक्षिण कोरिया और थाइलैंड जैसे देश अपने पर्यटन क्षेत्र को प्राथमिकता देकर अपने जीडीपी में बढ़ोतरी कर रहे हैं।
निवेश बढ़ाने की जरूरत
काचरू ने निजी क्षेत्र को आतिथ्य क्षेत्र में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा, "निवेश अकेले सरकार नहीं कर सकती। निजी क्षेत्र को निवेश पर अच्छा रिटर्न सुनिश्चित करने की जरूरत है। तभी वे निवेश के लिए प्रेरित होंगे।"
कर दरों में युक्तिकरण और आसान वीजा प्रक्रिया की मांग
भारत में कराधान एक बड़ा मुद्दा है। एचएआई ने मांग की है कि आतिथ्य क्षेत्र के लिए कर दरों को सरल और तर्कसंगत बनाया जाए। इसके साथ ही, आसान वीजा प्रक्रिया और उच्च क्षमता वाले एमआईसीई (बैठकें, प्रोत्साहन, सम्मेलन, और प्रदर्शनी) स्थलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
वैश्विक पर्यटकों को आकर्षित करने की रणनीति
एचएआई ने बजट में पर्यटन के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष प्रावधानों की अपील की। वैश्विक स्तर पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे और उच्च-स्तरीय सुविधाओं का विकास करना अनिवार्य बताया गया।
क्या कहता है आतिथ्य क्षेत्र का भविष्य?
एचएआई का मानना है कि बजट 2025 में इन मांगों को शामिल करने से भारत में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा सकता है। इससे न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
भाषा इनपुट के साथ
