Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026‑27 में सरकार ने कारोबार को आसान बनाने (Ease of Doing Business) और आम लोगों की जिंदगी (Ease of Living) को सुगम करने के लिए कई अहम सुधारों की घोषणा की है। इन प्रस्तावों का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल बनाना, अनुपालन का बोझ कम करना और निवेश व आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।
Ease of Doing Business को बढ़ावा
PROIs को PIS के तहत निवेश की अनुमति
सरकार ने पर्सन्स रेजिडेंट आउटसाइड इंडिया (PROIs) को पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट स्कीम (PIS) के तहत भारतीय लिस्टेड कंपनियों के इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश की अनुमति देने का फैसला किया है। इसके साथ ही, व्यक्ति द्वारा इंटर-स्टेट अवॉर्ड्स पर इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील करने की शर्त को खत्म किया जाएगा।
सस्ते आवास पर कैपिटल गेन टैक्स
रियल एस्टेट सेक्टर को राहत देते हुए बिना किसी अतिरिक्त शर्त के सस्ते आवास पर कैपिटल गेन टैक्स की दर 20% से घटाकर 2% कर दी गई है। शिक्षा और चिकित्सा के लिए Liberalized Remittance Scheme (LRS) के तहत TCS को घटाकर 5% से 2% किया जाएगा। मैनपावर सप्लाई सर्विस पर TDS की दर भी 1% या 2% तय की गई है।
छोटे करदाताओं को राहत
छोटे करदाताओं को राहत देते हुए रूल-बेस्ड ऑडिट प्रक्रिया के जरिए लोअर या निल सर्टिफिकेट प्राप्त करना आसान बनाया जाएगा। फॉर्म 15G और 15H को अब मल्टीपल कंपनियों में सिक्योरिटीज रखने वाले टैक्सपेयर्स भी जमा कर सकेंगे। रिटर्न रिवाइज करने की समयसीमा बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दी गई है, जिसमें मामूली शुल्क लगेगा।
ITR-1 और ITR-2 रिटर्न फाइल
सरकार ने ITR-1 और ITR-2 रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त करने का प्रस्ताव रखा है। नॉन-रेजिडेंट द्वारा रेजिडेंट बायर को अचल संपत्ति बेचने पर TDS अब PAN की जगह TAN से जमा किया जा सकेगा। छोटे करदाताओं के लिए विदेशी एसेट डिस्क्लोजर स्कीम भी शुरू की जाएगी।
MAT से भी कुछ श्रेणियों को राहत
अंडर-रिपोर्टिंग के मामलों में पेनल्टी और अभियोजन से छूट के दायरे को बढ़ाया गया है। 20 लाख रुपए से कम के अघोषित अचल संपत्ति मामलों में अभियोजन से छूट दी जाएगी। Minimum Alternate Tax (MAT) से भी कुछ श्रेणियों को राहत मिलेगी और MAT को फाइनल टैक्स बनाने का प्रस्ताव है। शेयरधारकों को कैपिटल गेन पर टैक्स रिबेट, प्रमोटर्स को अतिरिक्त बायबैक टैक्स और नए टैक्स सिस्टम में MAT सेट-ऑफ की सुविधा भी दी जाएगी। कैंसर मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर BCD से छूट दी गई है।
डिजिटल सुधारों के तहत कार्गो क्लीयरेंस के लिए सिंगल डिजिटल विंडो, दो साल में Customs Integrated System (CIS) की शुरुआत और ईमानदार करदाताओं को विवाद निपटाने का मौका देकर जुर्माने के बजाय अतिरिक्त राशि चुकाने का विकल्प दिया जाएगा।
