Mock Trading Session : बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) शनिवार, 6 सितंबर को मॉक ट्रेडिंग सेशन आयोजित करेंगे। यह मॉक ट्रेडिंग सेशन विभिन्न सेगमेंट्स में होगा इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और कमोडिटी डेरिवेटिव्स। NSE ने अपने मॉक ड्रिल शेड्यूल के जरिये 6 सितंबर को सेशन आयोजित करने की जानकारी दी थी, जबकि BSE ने गुरुवार शाम को इस संबंध में रिलीज जारी की। मॉक ट्रेडिंग सेशंस ट्रेडिंग सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच करने, इमरजेंसी प्रक्रियाओं का अभ्यास करने और ब्रोकर्स तथा उपयोगकर्ताओं को नए सिस्टम से परिचित कराने के लिए होते हैं, बिना किसी वित्तीय जोखिम के।
BSE और NSE का मॉक ट्रेडिंग सेशन (तस्वीर-istock)
BSE के मुताबिक तीसरे पक्ष के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वाले ट्रेडिंग मेम्बर्स इस अवसर का उपयोग अपने ट्रेडिंग एप्लीकेशन की विभिन्न कार्यक्षमताओं जैसे कॉल ऑक्शन सेशंस, रिस्क-रिडक्शन मोड, ट्रेडिंग हॉल्ट, ब्लॉक डील्स आदि की टेस्टिंग के लिए कर सकते हैं। साथ ही, BSE ने बताया कि नया BOLT Pro TWS वर्जन 12.03 भी जारी किया जाएगा, जिसकी जानकारी अलग से सर्कुलर के जरिए दी जाएगी।
Mock Trading Session: इक्विटी मार्केट्स
प्री-ओपन और पीरियॉडिक कॉल ऑक्शन के अंतिम 1 मिनट में ऑर्डर एंट्री सेशन का रैंडम स्टॉपेज होगा। IPO और रीलिस्टेड स्क्रिप्ट्स के लिए स्पेशल प्री-ओपन के अंतिम 10 मिनट में ऑर्डर एंट्री सेशन का रैंडम स्टॉपेज होगा।
BSE ने स्पष्ट किया है कि यह मॉक ट्रेडिंग केवल टेस्टिंग और परिचय के लिए है। इससे हुए ट्रेड्स पर कोई मार्जिन या पे-इन/पे-आउट की जिम्मेदारी नहीं होगी और न ही इससे किसी प्रकार के अधिकार या दायित्व उत्पन्न होंगे। प्रतिभागियों से आग्रह है कि वे मॉक ट्रेडिंग सेशंस में सक्रिय रूप से भाग लें।
Mock Trading Session: कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट
कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में भी नया BOLT Pro TWS वर्जन 12.03 जारी किया जाएगा। यह मॉक ट्रेडिंग भी केवल टेस्टिंग और परिचय के लिए है। यह मॉक ट्रेडिंग सेशंस सभी प्रतिभागियों को नए सिस्टम की समझ बढ़ाने और आपातकालीन परिस्थितियों में तैयारी करने का मौका देते हैं।
