Castrol Lubricant Business: BP Plc के कैस्ट्रॉल लुब्रिकेंट बिजनेस को खरीदने में कई कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत ऊर्जा कंपनियां और अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट और लोन स्टार फंड्स जैसी बायआउट फर्म शामिल हैं। बीपी ने निवेश फर्म ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट और स्टोनपीक पार्टनर्स समेत अपनी यूनिट के लिए अन्य संभावित बोलीदाताओं को शुरुआती जानकारी भेजी है। ये डील 8 बिलियन डॉलर से 10 बिलियन डॉलर तक की हो सकती है।
BP बेचेगी कैस्ट्रॉल
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अभी लगेंगे कई हफ्ते
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार ये प्रोसेस अभी भी शुरुआती चरण में है और शुरुआती बोलियाँ कई हफ्तों में आने की उम्मीद है। इसलिए वैल्यू और नतीजे ओपन रहेंगे। कुछ दावेदार मिलकर भी आवेदन कर सकते हैं।
इस बीच बैंकर्स कैस्ट्रॉल के लिए संभावित बोलियों को सपोर्ट करने के लिए लगभग 4 बिलियन डॉलर का लोन देने पर विचार कर रहे हैं।
एक बड़े कॉरपोरेट सुधार के तहत BP ने कैस्ट्रॉल-ब्रांडेड बिजनेस की रणनीतिक समीक्षा शुरू की। एक्टिविस्ट निवेशक इलियट इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनी के सबसे बड़े शेयरधारकों में से एक के रूप में उभरी है और मैनेजमेंट पर साहसिक बदलाव करने के लिए दबाव डाल रही है।
तेल की कम कीमतों बिगड़ा मामला
तेल की कम कीमतों के कारण BP की बड़ी रणनीति रीसेट पहल पहले से ही अस्थिर दिख रही है। इससे कंपनी पर सफल एसेट सेल के लिए दबाव बढ़ सकता है। कैस्ट्रोल के बिजनेस में ऑटो और इंडस्ट्रीज के लिए लुब्रिकेंट शामिल हैं। यह एआई डेटा सेंटर्स के लिए लिक्विड कूलिंग टेक्नोलॉजी डेवलप कर रही है।
