बिहार में जमीन की फर्जी रजिस्ट्री पर लगेगा ताला! सरकार ने लॉन्च किया नया पोर्टल, अब एक क्लिक पर मिलेगी सटीक जानकारी

बिहार में जमीन के फर्जीवाड़े और अवैध रजिस्ट्री पर लगाम कसने के लिए सरकार ने एक नया डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया है। अब जमीन खरीदार मात्र एक क्लिक पर असली मालिक की सटीक जानकारी पा सकेंगे।

बिहार (Bihar) में अब जमीन माफिया और जालसाज किसी मासूम खरीदार को धोखा नहीं दे पाएंगे। सरकार द्वारा जारी किए गए इस नए पोर्टल का मुख्य उद्देश्य जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया में शत-प्रतिशत पारदर्शिता लाना है। अक्सर देखा जाता है कि जालसाज किसी दूसरे की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर लेते हैं या फिर एक ही भूखंड को दो या तीन अलग-अलग खरीदारों को बेचकर फरार हो जाते हैं। नया खरीदार जब दाखिल-खारिज (Mutation) के लिए जाता है, तब उसे इस धोखाधड़ी का पता चलता है। लेकिन अब, निबंधन विभाग के इस नए पोर्टल के जरिए निबंधन (Registration) और राजस्व (Revenue) रिकॉर्ड को आपस में पूरी तरह लिंक कर दिया गया है, जिससे फर्जी कागजात के आधार पर रजिस्ट्री करना नामुमकिन हो जाएगा।

Land Registry

एक क्लिक पर खुलेगा जमीन का पूरा 'कच्चा चिट्ठा'

इस नए पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत इसका यूजर-फ्रेंडली होना है। अब आम जनता को अपनी या खरीदी जाने वाली जमीन की जानकारी निकालने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे और न ही बिचौलियों को मोटी रकम देनी होगी। कोई भी व्यक्ति इस पोर्टल पर जाकर संबंधित जमीन का खाता, खेसरा, जमाबंदी नंबर या डीड (Deed) संख्या डालकर पूरी डिटेल देख सकता है। पोर्टल पर यह साफ-साफ दिखाई देगा कि वर्तमान में उस जमीन का असली मालिक कौन है, वह जमीन पैतृक है या खरीदी हुई है, और क्या उस जमीन पर पहले से कोई विवाद या कोर्ट केस चल रहा है। यह सटीक जानकारी खरीदार को सौदा तय करने से पहले ही सचेत कर देगी।

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