FD Rate, RBI Repo Rate Hike:आरबीआई ने एक बार फिर रेपो रेट में बढ़ोतरी कर दी है। इससे लोन लेने वाले ग्राहकों को एक बार फिर मायूसी हाथ लगी है। लेकिन इस मायूसी में उन लोगों को फायदा होने की उम्मीद है, जो पैसा निवेश करने में सक्षम हैं। ऐसा इसलिए है कि रेपो रेट बढ़ने के बाद से एक बार फिर एफडी के रेट बढ़ने की संभावना बन गई है।
एफडी की बढ़ सकती हैं ब्याज दरें
क्योंकि मई 2022 से आरबीआई ने अभी तक 2.50 फीसदी रेपो रेट बढ़ा दिया है। जबकि इस अवधि में अभी तक बैंकों ने अधिकम 1.65 फीसदी तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। ऐसे में अभी भी एफडी रेट में बढ़ोतरी की गुंजाइश है। जिसका फायदा वह लोग उठा सकते हैं, जो कहीं निवेश करने की सोच रहे हैं। खास तौर से इसका फायदा उन्हें मिलेगा जो लंबी अवधि के लिए निवेश करने के लिए सोच रहे हैं।
एक साल पहले दो दशक के निचले स्तर पर थे FD रेट
मई 2002 में जब आरबीआई ने रेपो रेट बढ़ाया तो उसके पहले वह 4.0 फीसदी के स्तर पर था। और उस समय कर्ज भी बेहद सस्ता था और होम लोन की औसत ब्याज दरें 7.0 फीसदी पर थी। इसी तरह एफडी पर ब्याज दो दशक के निचले स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध और कोरोना के बाद से बढ़ती महंगाई ने पूरे समीकरण बिगाड़ दिए। जिसका असर यह हुआ कि दुनिया भर में महंगाई बढ़ी और भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। हालात यह हुए कि भारत में महंगाई दर 7.5 फीसदी के स्तर पहुंच गई। और इसी वजह से जहां कर्ज महंगा होने का चक्र शुरू हुआ, वहीं एफडी के रेट भी बढ़ने शुरू हुए।
एक अप्रैल से महिलाओं को 7.5 फीसदी ब्याज
बजट 2023 में महिला सम्मान बचत पत्र का ऐलान किया गया है। इसके तहत महिला, लड़कियों के नाम महिला निवेश पर 7.5 फीसदी ब्याज मिलेगा। हालांकि इसके तहत अधिकतम 2 लाख रुपये का निवेश किया जा सकेगा। जो कि 2 साल की अवधि के लिए होगा।
इसी तरह पोस्ट ऑफिस की जमाओं में एफडी पर अधिकतम 7 फीसदी और बैंकों की जमाओं पर अभी अधिकतम 7.50 फीसदी ब्याज मिल रहा है। वहीं कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक 8 फीसदी तक एफडी पर ब्याज दे रहे हैं।
बढ़ने की संभावना क्यों
एक तो अभी भी 10 साल की सरकारी प्रतिभूति के रेट 7.30 फीसदी के रेट पर बने हुए हैं। और ऐसी संभवाना है कि इसमें अभी भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। साथ ही बैंकों के पास रेपो रेट में हुए बढ़ोतरी की तुलना में एफडी रेट बढ़ाने की अभी भी गुंजाइश बनी हुई है। ऐसे में बैंक आसानी से एफडी रेट बढ़ा सकते हैं।
