आज के समय में घर खरीदना सिर्फ एक सपना ही नहीं, बल्कि एक बड़ा वित्तीय निवेश भी है। इस निवेश को स्मार्ट बनाने के लिए सरकार और वित्तीय संस्थान महिलाओं को विशेष प्रोत्साहन दे रहे हैं। इसी कड़ी में 'महिला शक्ति वंदन' का विचार उभर कर सामने आया है, जो यह बताता है कि अगर आप घर की महिला (पत्नी, मां या बहन) के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदते हैं, तो आप रजिस्ट्री से लेकर लोन तक में लाखों रुपये बचा सकते हैं। यह न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाता है, बल्कि परिवार की बचत को भी बढ़ाता है।
स्टाम्प ड्यूटी में भारी छूट
किसी भी प्रॉपर्टी को खरीदते समय सबसे बड़ा खर्च उसकी रजिस्ट्री यानी स्टाम्प ड्यूटी पर होता है। भारत के अधिकांश राज्यों में महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर स्टाम्प ड्यूटी में 1% से 2% तक की छूट दी जाती है। उदाहरण के तौर पर, अगर आप 1 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं और स्टाम्प ड्यूटी में 2% की रियायत मिलती है, तो आप सीधे तौर पर 2 लाख रुपये बचा सकते हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में महिलाओं के लिए यह दरें पुरुषों की तुलना में काफी कम हैं, जो एक बड़ा वित्तीय लाभ है।
होम लोन पर कम ब्याज दरें
बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां भी महिला कर्जदारों (Women Borrowers) को प्रोत्साहित करने के लिए होम लोन की ब्याज दरों में रियायत देती हैं। आमतौर पर महिलाओं के लिए ब्याज दरें पुरुषों के मुकाबले 0.05% से 0.10% तक कम होती हैं। सुनने में यह अंतर छोटा लग सकता है, लेकिन 20 या 25 साल के लंबे होम लोन टेन्योर में यह छोटी सी कटौती आपके ईएमआई (EMI) के बोझ को काफी कम कर देती है और आप ब्याज के रूप में लाखों रुपये की बचत कर पाते हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का लाभ
सरकार की 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के तहत मिलने वाली सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए भी महिला का नाम प्रॉपर्टी में होना अनिवार्य या प्राथमिकता पर रखा गया है। यदि घर की लक्ष्मी के नाम पर पहली प्रॉपर्टी खरीदी जा रही है, तो नियम के अनुसार ब्याज सब्सिडी का फायदा सीधे तौर पर मिलता है। इससे न केवल लोन की रकम कम होती है, बल्कि परिवार पर कर्ज का दबाव भी घटता है। यह कदम महिलाओं के नाम पर संपत्ति रखने की परंपरा को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।
इनकम टैक्स में बचत (Tax Benefits)
यदि पति और पत्नी दोनों मिलकर (Joint Ownership) प्रॉपर्टी खरीदते हैं और महिला कामकाजी है, तो दोनों अलग-अलग होम लोन के मूलधन (Principal) और ब्याज (Interest) पर टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं। इनकम टैक्स की धारा 80C और 24(b) के तहत मिलने वाली यह छूट आपके परिवार की सालाना कर देनदारी को काफी हद तक कम कर देती है। इस तरह, प्रॉपर्टी में महिला को हिस्सेदार बनाकर आप दोहरे टैक्स लाभ का आनंद ले सकते हैं।
