BCCI Searching Sponsors: बायजूस (Byjus) और मास्टरकार्ड इंक (Mastercard Inc) के एग्रीमेंट से निकलने के बाद सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को इस समय एक नए फ्रंट जर्सी स्पॉन्सर और टाइटल पार्टनर ढूंढने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। महंगी एडवरटाइजिंग, नए नियमों और फंडिंग में सुस्ती के चलते बीसीसीआई नया जर्सी स्पॉन्सर नहीं ढूंढ पा रही है। दरअसल बीसीसीआई ने लीड स्पॉन्सरशिप राइट्स के लिए 15 जून को टेंडर निकाला था, जिसके लिए लास्ट डेट 26 जून थी और अब तक कोई ऐसा कोई स्पॉन्सर मिलने की आधिकारिक घोषणा नहींं की गई है।
स्पॉन्सर की तलाश में बीसीसीआई
कमाई में आ सकती है गिरावट
बीसीसीआई ने अभी तक आगामी द्विपक्षीय श्रृंखला और घरेलू मैचों के लिए मीडिया अधिकारों की नीलामी प्रोसेस शुरू नहीं की है, जबकि डिज्नी स्टार (Disney Star) के साथ इसका कॉन्ट्रैक्ट मार्च में समाप्त हो गया। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि इन घटनाक्रमों से बीसीसीआई की कमाई में कमी आ सकती है।
बीसीसीआई के लिए रह सकता है खराब साल
लाइव मिंट की रिपोर्ट में एक प्रमुख स्पोर्ट्स कंसल्टिंग फर्म के हवाले कहा गया है कि यह साल बीसीसीआई के लिए गिरावट वाला होगा। क्रिकेट में एडवरटाइजिंग महंगी हो गई है। इसके अलावा, स्टार्टअप्स को फंडिंग में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है और फंड खत्म हो गए हैं।
वहीं सरकार ने रियल मनी गेमिंग सेक्टर के लिए नियम लागू किए हैं। हालांकि इससे सेंटिमेंट कमजोर हो सकते हैं, लेकिन यह एक साइक्लिकल बिजनेस है।
40 फीसदी कमाई का त्याग
15 जून को, बीसीसीआई ने भारतीय टीम की जर्सी राइट्स के लिए आवेदन मांगे थे, जिसमें पिछली विजेता बोली (Winning Bid) से 40 फीसदी डिस्काउंट पर बेस प्राइस तय किया गया। जिन द्विपक्षीय मैचों में भारतीय टीम होती है, उनके लिए बेस प्राइस 3 करोड़ और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) या एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) टूर्नामेंट, जैसे आईसीसी विश्व कप और एशिया कप के तहत मैचों के लिए ये 1 करोड़ होता है।
ये ब्रांड्स नहीं कर सकते अप्लाई
एथलीजर और स्पोर्ट्सवियर मैन्युफैक्चरर्स सहित कुछ ब्रांड कैटेगरियों को बोली लगाने से प्रतिबंधित किया गया है क्योंकि बीसीसीआई ने पहले ही Adidas के साथ अपने किट स्पॉन्सर के रूप में एक एग्रीमेंट कर लिया है। अल्कोहलिक प्रोडक्ट्स, बेटिंग कंपनियों, क्रिप्टोकरेंसी एंटिटीज, रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म (फैंटेसी स्पोर्ट्स गेमिंग को छोड़कर), तंबाकू ब्रांडों और आपत्तिजनक सामग्री से जुड़ी यूनिट्स के लिए भी बोली खुली नहीं है।
