Minimum Balance Penalty : बैंक खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं होने पर लगने वाला छोटा-सा जुर्माना बैंकों के लिए अरबों रुपये का खजाना साबित हो रहा है। यह जानकारी खुद केंद्र सरकार ने संसद में दी है। राज्यसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक सवाल के लिखित जवाब में यह बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ वित्त वर्ष 2026 में ही बैंकों ने मिनिमम बैलेंस पेनाल्टी के तौर पर ₹7,086.63 करोड़ वसूले हैं। इसमें निजी बैंकों का हिस्सा ₹4,948.71 करोड़ रहा, जबकि सरकारी बैंकों ने ₹2,137.92 करोड़ जुटाए। यानी कुल वसूली का करीब 70 फीसदी हिस्सा निजी बैंकों के खाते में गया। इसके साथ ही चौधरी ने बताया कि वित्त वर्ष 2023 से वित्त वर्ष 2026 के बीच बैंकों ने ग्राहकों से Minimum Average Balance (MAB) नहीं रखने पर ₹26,170 करोड़ से ज्यादा की पेनाल्टी वसूल की गई है।
ग्राहकों के मिनिमम बैलेंस नहीं रखने से हो रही कमाई
HDFC Bank ने सबसे ज्यादा कमाए
निजी बैंकों में MBP से सबसे ज्यादा कमाई HDFC Bank ने की। बैंक ने वित्त वर्ष 2026 में अकेले ₹1,798.14 करोड़ वसूले। इसके बाद Axis Bank ने ₹1,081.33 करोड़, ICICI Bank ने ₹353.50 करोड़, Kotak Mahindra Bank ने ₹290.65 करोड़, Yes Bank ने ₹195.05 करोड़ और IDBI Bank ने ₹175.15 करोड़ की वसूली की। दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ HDFC Bank और Axis Bank ने मिलकर निजी बैंकों की कुल Penalty Collection का लगभग 58 फीसदी हिस्सा जुटाया।
सरकारी बैंकों में SBI सबसे आगे
सरकारी बैंकों में State Bank of India (SBI) ने सबसे ज्यादा ₹477.27 करोड़ की वसूली दर्ज की। इसके बाद Bank of Baroda ने ₹394.10 करोड़ और Indian Bank ने ₹299.17 करोड़ जुटाए। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि SBI ने मार्च 2020 से Savings Account पर Minimum Balance Penalty खत्म कर दी थी। इसलिए वित्त वर्ष 2026 का यह आंकड़ा केवल करंट अकाउंट (Current Account) से जुड़ा है।
10 सरकारी बैंकों ने खत्म कर दिया जुर्माना
सरकार ने बताया कि देश के 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से 10 बैंकों ने बचत खातों पर मिनिमम बैलेंस पेनाल्टी पूरी तरह खत्म कर दी है। बाकी दो बैंकों ने इसे कम कर दिया है और अपनी बोर्ड से मंजूर नीति के अनुसार लागू रखा है। यानी सरकारी बैंकों में ग्राहकों को पहले की तुलना में काफी राहत मिली है।
73 करोड़ खातों पर कोई जुर्माना नहीं
सरकार ने दोहराया कि Basic Savings Bank Deposit Account (BSBDA) और प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत खोले गए खातों में मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी नहीं है। इन खातों पर कोई पेनाल्टी नहीं लगती। इसके साथ ही जमा, निकासी और ATM जैसी बुनियादी बैंकिंग सेवाएं भी मुफ्त मिलती हैं। देश में ऐसे करीब 73 करोड़ खाते हैं, जो इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
क्या बैंक अपनी मर्जी से जुर्माना लगा सकते हैं?
RBI के नियमों के मुताबिक बैंक Savings और Current Account पर Minimum Balance से जुड़े शुल्क लगा सकते हैं, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें तय हैं। शुल्क उचित और पारदर्शी होना चाहिए, बैंक की बोर्ड से मंजूर नीति के मुताबिक होना चाहिए और ग्राहकों को SMS, ईमेल, पत्र या अन्य माध्यम से पहले सूचना देनी होती है। आमतौर पर ग्राहकों को खाते में जरूरी बैलेंस जमा करने का समय भी दिया जाता है, उसके बाद ही Penalty लगाई जाती है।
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