Bank Se Judi Khabren : भारतीय रिजर्व बैंक यानी Reserve Bank of India (RBI) ने प्राइवेट सेक्टर के बड़े बैंक YES Bank पर 31.80 लाख रुपये का जुर्माना (RBI Penalty) लगाया है। जबकि हिन्दुजा हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड पर 1.8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। RBI ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि बैंक ने ‘नो योर कस्टमर’ यानी KYC से जुड़े कुछ जरूरी नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया। केंद्रीय बैंक की जांच में यह गड़बड़ी सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। RBI के अनुसार, YES Bank ग्राहकों के खाते खोलते समय Central KYC Records Registry (CKYCR) द्वारा दिए गए KYC Identifier का सही तरीके से उपयोग करने के लिए जरूरी सिस्टम लागू नहीं कर पाया। बैंकिंग नियमों के मुताबिक, हर बैंक और वित्तीय संस्था को ग्राहकों की पहचान और दस्तावेजों की पुष्टि के लिए KYC प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होता है। इसका मकसद बैंकिंग सिस्टम को सुरक्षित रखना और धोखाधड़ी, फर्जी खातों तथा मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों को रोकना है।
KYC नियमों का पालन नहीं करने पर YES Bank पर RBI का जुर्माना (तस्वीर-istock)
RBI जांच में सामने आई कमी
RBI ने बताया कि YES Bank की वित्तीय स्थिति का आकलन करने के लिए 31 मार्च 2025 तक की स्थिति के आधार पर एक वैधानिक निरीक्षण (Statutory Inspection) किया गया था। इस निरीक्षण के दौरान बैंक के कामकाज और नियमों के पालन की समीक्षा की गई। जांच में पाया गया कि बैंक ने ग्राहकों के साथ अकाउंट आधारित संबंध स्थापित करने के दौरान CKYCR द्वारा जारी KYC Identifier का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उचित व्यवस्था नहीं बनाई थी। इसके बाद RBI ने बैंक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। बैंक की ओर से जवाब और संबंधित दस्तावेजों की जांच करने के बाद RBI इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि नियमों का उल्लंघन हुआ है। इसी आधार पर बैंक पर 31.80 लाख रुपये का मौद्रिक दंड लगाया गया। हालांकि RBI ने यह भी साफ किया कि यह कार्रवाई केवल नियामकीय नियमों के उल्लंघन से जुड़ी है और इसका असर बैंक के ग्राहकों या उनके लेनदेन पर नहीं पड़ेगा।
क्या होता है KYC और KYC Identifier
KYC यानी ‘Know Your Customer’ एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके जरिए बैंक अपने ग्राहकों की पहचान और पते की पुष्टि करते हैं। इसमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट या अन्य पहचान दस्तावेज लिए जाते हैं। Central KYC Records Registry (CKYCR) ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने का काम करता है। जब किसी ग्राहक का KYC एक बार CKYCR में दर्ज हो जाता है, तो उसे एक यूनिक KYC Identifier दिया जाता है। इसके बाद ग्राहक को हर बार अलग-अलग बैंक या वित्तीय संस्था में बार-बार KYC दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होती। RBI चाहता है कि सभी बैंक इस सिस्टम का सही तरीके से इस्तेमाल करें ताकि प्रक्रिया आसान और सुरक्षित बन सके।
Hinduja Housing Finance पर भी लगा जुर्माना
इसी के साथ RBI ने एक अन्य वित्तीय संस्था Hinduja Housing Finance Ltd पर भी कार्रवाई की है। केंद्रीय बैंक ने कंपनी पर 1.8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। RBI के अनुसार, कंपनी ने ‘गवर्नेंस’ यानी प्रबंधन और संचालन से जुड़े कुछ निर्देशों का पालन नहीं किया। RBI ने कहा कि जांच के दौरान नियमों में कमी पाए जाने के बाद कंपनी को कारण बताओ नोटिस भेजा गया था। जवाब और उपलब्ध रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद यह तय किया गया कि नियमों का उल्लंघन हुआ है, इसलिए आर्थिक दंड लगाया गया।
बैंकिंग सेक्टर में नियमों के पालन पर RBI की सख्ती
हाल के वर्षों में RBI लगातार बैंकों और वित्तीय संस्थाओं पर नियमों के पालन को लेकर सख्ती दिखा रहा है। केंद्रीय बैंक समय-समय पर निरीक्षण करता है और जहां भी नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलती है, वहां कार्रवाई की जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और ग्राहकों का भरोसा मजबूत होता है। RBI का कहना है कि KYC और गवर्नेंस से जुड़े नियम वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी हैं। इसलिए सभी बैंक और वित्तीय संस्थाओं को इन नियमों का पूरी तरह पालन करना चाहिए, ताकि ग्राहकों के हित सुरक्षित रह सकें और बैंकिंग व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
