bob इ Pay : देश के प्रमुख सरकारी बैंकों में शामिल बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने अपने UPI ऐप bob इ Pay में कई नई डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत की है। बैंक का कहना है कि इन नए फीचर्स का उद्देश्य ग्राहकों को अधिक सुरक्षित, आसान और आधुनिक भुगतान अनुभव प्रदान करना है। खास बात यह है कि bob इ Pay ( bob e Pay) एक यूनिवर्सल UPI ऐप है, जिसका इस्तेमाल किसी भी बैंक के ग्राहक कर सकते हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने की BoB इ Pay पर बायोमेट्रिक और UIDAI फेस ऑथेंटिकेशन की शुरुआत (तस्वीर-istock)
अब फिंगरप्रिंट और फेस से करें UPI पेमेंट
बैंक ने ऐप में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर जोड़ा है। इसके तहत ग्राहक अब 5,000 रुपये तक के UPI ट्रांजैक्शन अपने मोबाइल फोन में पहले से रजिस्टर्ड फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन के जरिए मंजूर कर सकेंगे। इससे हर बार UPI पिन डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सुविधा व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) और व्यक्ति से व्यापारी (P2M) दोनों तरह के भुगतान के लिए उपलब्ध होगी। इसके अलावा ग्राहक अपने खाते का बैलेंस भी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए चेक कर सकेंगे। हालांकि, ग्राहक चाहें तो पहले की तरह UPI पिन का उपयोग भी जारी रख सकते हैं।
UPI पिन सेट और रीसेट करना हुआ आसान
बैंक ऑफ बड़ौदा ने UPI पिन सेट करने और रीसेट करने के लिए UIDAI आधारित फेस ऑथेंटिकेशन सुविधा भी शुरू की है। इस नई व्यवस्था में ग्राहकों को डेबिट कार्ड की जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी। ग्राहक आधार से जुड़े फेस ऑथेंटिकेशन और बैंक द्वारा भेजे गए OTP की मदद से आसानी से अपना UPI पिन बना या बदल सकेंगे। बैंक का कहना है कि यह प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक है। इससे उन ग्राहकों को भी राहत मिलेगी जिनके पास डेबिट कार्ड उपलब्ध नहीं है या जो कार्ड संबंधी जानकारी याद नहीं रखते।
IoT डिवाइस से भी होगा भुगतान
डिजिटल भुगतान को अगले स्तर पर ले जाते हुए बैंक ने bob इ Pay में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित भुगतान सुविधा भी शुरू की है। इसके जरिए ग्राहक अपने समर्थित स्मार्ट डिवाइस, कनेक्टेड वाहन और अन्य स्मार्ट उपकरणों को ऐप से जोड़कर सीधे भुगतान कर सकेंगे। इसका मतलब है कि भविष्य में कुछ स्मार्ट डिवाइस खुद भी भुगतान प्रक्रिया को पूरा कर सकेंगे, जिससे ग्राहकों को और अधिक सुविधा मिलेगी।
डेलीगेट पेमेंट सिस्टम से मिलेगी अतिरिक्त सुविधा
बैंक के अनुसार IoT आधारित भुगतान सुविधा ‘डेलीगेट पेमेंट फ्रेमवर्क’ पर काम करती है। इस व्यवस्था के तहत मुख्य उपयोगकर्ता किसी दूसरे व्यक्ति या किसी डिवाइस को सीमित राशि और तय नियमों के भीतर भुगतान करने की अनुमति दे सकता है। इससे परिवार के सदस्यों या स्मार्ट डिवाइसों के जरिए भी सुरक्षित तरीके से भुगतान किया जा सकेगा, जबकि लेनदेन पर नियंत्रण मुख्य उपयोगकर्ता के पास ही रहेगा।
डिजिटल बैंकिंग को मिलेगा बढ़ावा
बैंक ऑफ बड़ौदा का मानना है कि बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, आधार आधारित फेस वेरिफिकेशन और IoT पेमेंट जैसी नई सुविधाएं डिजिटल बैंकिंग को और मजबूत बनाएंगी। इन तकनीकों के जरिए ग्राहकों को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक भुगतान अनुभव मिलेगा, साथ ही डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।
