ATM Cash Withdrawal:कैश से भारतीयों का मोह खत्म नहीं हो रहा है। यही वजह है कि सालना एटीएम से पैसा निकालने की राशि में 5.51 फीसदी का इजाफा हुआ है। और भारतीय औसतन हर महीने 1.43 करोड़ रुपये एटीएम से निकाल रहे हैं। जो कि वित्त वर्ष 2022-23 के मुकाबले करीब 8 करोड़ रुपये ज्यादा है। सबसे ज्यादा कैश महानगरों से निकाला जा रहा है। उसके बाद गावं-कस्बों और फिर शहरों से कैश निकालने की रफ्तार बढ़ी है। वहीं अगर राज्य की बात की जाय तो सबसे ज्यादा एटीएम से कैश कर्नाटक से निकाला गया है। रिपोर्ट की खास बात यह है कि मेट्रो शहरों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होने के बावजूद वहां पर कैश का चलन बढ़ा है।
एटीएम से नकदी निकासी बढ़ी
कितना निकल रहा है पैसा
देश भर की आधे से ज्यादा एटीएम मशीनों में नकदी का प्रबंधन करने वाली कंपनी सीएमएस इंफोसिस्टम्स की रिपोर्ट के अनुासर एटीएम से मासिक औसत नकदी निकासी वित्त वर्ष 2023-24 में 5.51 प्रतिशत बढ़कर 1.43 करोड़ रुपये हो गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि यूपीआई से डिजिटल भुगतान बढ़ने के बावजूद स्वचालित निकासी मशीन (एटीएम) से औसत मासिक नकदी निकासी सालाना आधार पर बढ़ी है। वित्त वर्ष 2022-23 में यह आंकड़ा 1.35 करोड़ रुपये था।
रिपोर्ट के मुताबिक, महानगरों में औसत नकदी निकासी पिछले वित्त वर्ष में 10.37 प्रतिशत बढ़ी है जबकि कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में यह 3.94 प्रतिशत और शहरों में 3.73 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। मेट्रो शहरों में एटीएम से नकदी निकासी 37.49 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि कस्बों एवं देहात में एटीएम से नकदी निकासी में 12.50 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।
इन राज्यों में सबसे ज्यादा निकासी
रिपोर्ट के मुताबिक, एक एटीएम से 1.83 करोड़ रुपये की वार्षिक औसत निकासी के साथ कर्नाटक देश में सबसे आगे है। इसके बाद 1.82 करोड़ रुपये के साथ दिल्ली दूसरे और 1.62 करोड़ रुपये के साथ पश्चिम बंगाल तीसरे स्थान पर है। सरकारी बैंकों के 49 प्रतिशत एटीएम महानगरीय और शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं जबकि निजी क्षेत्र के बैंकों के मामले में यह अनुपात 64 प्रतिशत है। दोनों ही वर्गों के बाकी एटीएम कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।
